दोस्ती में मिला धोखा ! डुप्लीकेट चाबी बनाकर दोस्त की टाटा पंच कार चुराई, 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने वाहन चोरी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी की इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि कार मालिक का करीबी दोस्त निकला। आरोपी ने पहले से ही कार की डुप्लीकेट चाबी बनवा रखी थी और अपने साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपये की टाटा पंच कार चोरी करने की साजिश रची थी।
एमपी के बालाघाट में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी गई कार भी बरामद कर ली है। पुलिस अधीक्षक बालाघाट के निर्देश पर जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने इस चर्चित वाहन चोरी का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, फरियादी शिवायु पर्टले, जो वर्तमान में भटेरा स्थित सेंट मेरी स्कूल के पास रहते हैं, ने 30 जुलाई 2026 की रात अपनी टाटा पंच कार MP-51-ZE-0469 घर के सामने खड़ी की थी। अगले दिन सुबह उठने पर कार गायब मिली। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, साथ ही मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। जांच के दौरान मिले सुराग पुलिस को ग्राम अमोली तक ले गए, जहां दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर चोरी गई टाटा पंच कार भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी धनेश उर्फ लक्की उर्फ राजा कटरे फरियादी का करीबी मित्र था। उसने पहले ही कार की नकली चाबी तैयार करवा ली थी। इसके बाद अपने साथियों कपिल चौधरी, अनुराग सोनवाने और आशीष रिनायत के साथ मिलकर कार चोरी कर बेचने की योजना बनाई थी। लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच और तेज कार्रवाई ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अजय सिंह गुर्जर, उपनिरीक्षक भुनेश ठाकरे, साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।