पूड़ी-सब्जी और फूलों की माला लेकर निगम पहुंचे वकील, बोले अतिक्रमणकारियों की मलाई खा रहे हैं अधिकारी
नगर निगम में गुरुवार को उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब एक अधिवक्ता अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए पूड़ी-सब्जी की थाली और फूलों की माला लेकर निगम कार्यालय पहुंच गए। उनका आरोप था कि नगर निगम के अधिकारी अवैध अतिक्रमण हटाने के बजाय शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इस अनोखे प्रदर्शन ने निगम कार्यालय में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ता विनय गुप्ता ने बताया कि वे नगर निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों की "खातिरदारी" करने आए हैं, जो कार्रवाई करने के बजाय अतिक्रमणकारियों का पक्ष ले रहे हैं। उनका कहना था कि जब शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, तो विरोध दर्ज कराने का यह तरीका अपनाना पड़ा।
अधिवक्ता के अनुसार, एमपी के रीवा के वार्ड क्रमांक-26 स्थित छत्रपति नगर में उनके घर के सामने एक व्यक्ति ने शासकीय रास्ते की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर लिया है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने अपनी जमीन की सीमा से आगे बढ़कर मकान का छज्जा बना लिया है और नाली पर भी चबूतरा तैयार कर दिया है। इससे आम नागरिकों के आवागमन में परेशानी हो रही है। विनय गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार नगर निगम से की, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि निगम के कर्मचारी अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय मामले को टालते रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता ने तीखी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि "नगर निगम के कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के बजाय अतिक्रमणकारियों की मलाई खा रहे हैं।" इसी नाराजगी के चलते वे प्रतीकात्मक रूप से पुड़ी-सब्जी और फूलों की माला लेकर निगम कार्यालय पहुंचे, ताकि अधिकारियों का "सम्मान" कर उन्हें उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराया जा सके। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि शासकीय भूमि और सार्वजनिक रास्ते से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी समाप्त हो सके। फिलहाल इस अनोखे प्रदर्शन की शहरभर में चर्चा है। वहीं, नगर निगम की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि शिकायत के बाद प्रशासन अवैध अतिक्रमण के मामले में क्या कार्रवाई करता है।