Sagar- कॉन्वेंट स्कूल पर धर्म परिवर्तन के आरोप, जमकर हुआ हंगामा, कई थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा !
सागर जिले के खुरई में बीना रोड पर स्थित होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर लगे हैं। स्कूल में चल रहे कार्यक्रम के दौरान अचानक से हंगामा हो गया। और तनावपूर्ण स्थिति बन गयी। मौके पर पहुंचे हिन्दू संगठन के लोगों ने बवाल करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, स्थिति को बिगड़ता देख बड़ी संख्या में पांच थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाइश दी गई। साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी जानकारी ली गई। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठन के लोग स्कूल परिसर पहुंचे थे। मौके पर काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।
हिंदू संगठन के लोगों का आरोप था की स्कूल के अंदर सम्बंधित लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। आधार कार्ड में नाम देखकर संदेह हुआ। क्योंकि स्कूल के अंदर कमरों में ठहरने वाले लोग क्रिश्चियन थे लेकिन आधार कार्ड में आदिवासी नाम थे। जिससे मामला गहरा गाया। जबकि स्कूल की सिस्टर का कहना है उनके यहां सिस्टर बनने का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें तीन अलग-अलग राज्यों से लोग आये थे। जिनमें सिस्टर बनने वालों के ही परिजन थे। नियमानुसार कैथोलिक को ही सिस्टर बनाया जाता है उन्होंने धर्म परिवर्तन जैसे आरोपों को सिरे से खारिज किया। जांच के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और बीआरसी भी पहुंचे थे।
प्रदर्शन करने वाले हिंदू संगठन के लोगों का आरोप था की स्कूल के अंदर कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्कूल परिसर से बाहर कर मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके बाद भी गेट के बाहर प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर बीना एसडीओपी अजय कुमार सनकत, खुरई देहात थाना प्रभारी संतोष सिंह दांगी और खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी के अलावा बीना थाना प्रभारी अनूप यादव, खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल के साथ ही बांदरी का पुलिस बल बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचा। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हो सका।
स्कूल की सिस्टर कैथरीन ने धर्म परिवर्तन के आरोपों को निराधार बताया, साथ ही कहा की पचास सालों से यहां स्कूल है। धर्म परिवर्तन जैसा कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा की कैथोलिक को ही सिस्टर बनाया जाता है। उसी का कार्यक्रम था। जिसमें असम,बिहार और उड़ीसा से लोग आये थे। इनमें सिस्टर बनने वालों के ही परिजन हैं ट्रेनिंग के बाद कार्यक्रम रखा गया था।
बाहर से आने वाली महिला प्रेमलता मरंडी ने बताया की उसकी बहन यहां रहती है इसलिए वह यहां आई हैं।
वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कहना है की जानकारी ली गयी है कई ऐसे SC-ST के लोग हैं जो पहले से ईसाई हैं और क्रिश्चियन धर्म को मानते हैं।------