सागर में ₹500 के चालान पर युवक ने ट्रैफिक पुलिस पर बाइक की वायरिंग तोड़ने का लगाया आरोप
सागर शहर में ट्रैफिक चालान को लेकर विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सागर के डिंपल पेट्रोल पंप के पास सामने आए इस मामले में एक युवक ने ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि वाहन चेकिंग के दौरान उसका 500 रुपये का चालान काटा गया और इसके बाद उसकी बाइक की वायरिंग तोड़ दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। वायरल वीडियो में युवक अपनी बाइक और मौके पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाता नजर आ रहा है। युवक का आरोप है कि चालान काटने के बाद पुलिसकर्मियों ने बाइक के साथ छेड़छाड़ की। घटना को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति भी बनी। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच, वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और वाहन चालकों के बीच होने वाले विवादों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणी भी चर्चा में है। जबलपुर में एक अधिवक्ता और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस और अधिवक्ताओं, दोनों से संयम और मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा जताई। कोर्ट ने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना, वाहन की चाबी निकालना या बेवजह विवाद में उलझना उचित नहीं है। पुलिसकर्मियों को कानून लागू करते समय धैर्य और शिष्टाचार का परिचय देना चाहिए। वहीं अदालत ने अधिवक्ताओं को भी कानून और अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने की नसीहत दी।
जबलपुर के मामले में 11 जुलाई 2026 को वाहन चेकिंग के दौरान विवाद हुआ था। शिकायत के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने जबलपुर एसपी को पूरे प्रकरण में नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अब सागर में सामने आए इस मामले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 500 रुपये के चालान के बाद बाइक की वायरिंग तोड़ने का आरोप कितना सच है? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने ऐसा किया या वायरल वीडियो में घटनाक्रम का कोई दूसरा पक्ष भी है? फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस का पक्ष बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यही—चालान नियम के तहत था, लेकिन क्या कार्रवाई भी नियम के मुताबिक हुई?