बुलेट पर सीएम, हाथ में तिरंगा और झमाझम बारिश ! बच्चों ने पुकारा तो पैदल चल पड़े डॉ. मोहन यादव
भोपाल की सड़कों पर रविवार को राष्ट्रभक्ति और जनसरोकार का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मौका था हर घर तिरंगा अभियान के शुभारंभ का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने निवास पर तिरंगा फहराने के बाद खुद बुलेट संभाली और युवाओं के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए निकल पड़े।
मुख्यमंत्री के हाथ में तिरंगा था और चेहरे पर उत्साह। इसी दौरान यात्रा आगे बढ़ी तो अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। लेकिन बारिश भी मुख्यमंत्री के उत्साह को नहीं रोक सकी। वे सुरक्षाकर्मियों और युवाओं के साथ बारिश में तिरंगा थामे आगे बढ़ते रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री का सहज अंदाज भी देखने को मिला। यात्रा के रास्ते में सड़क किनारे कुछ बच्चे उत्साह के साथ खड़े दिखाई दिए। बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और उनसे बारिश को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वे भीग जाएंगे।
लेकिन बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने भी बारिश में यात्रा के साथ चलने की इच्छा जताई। बच्चों का जोश देखकर मुख्यमंत्री अपनी बुलेट से उतर गए। उन्होंने बच्चों को तिरंगा भेंट किया और उनके साथ पैदल चलने लगे।
मुख्यमंत्री का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया। बारिश के बीच बच्चों के साथ तिरंगा लेकर पैदल चलते मुख्यमंत्री की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गए।
तिरंगा यात्रा का समापन टीटी नगर स्टेडियम में हुआ, जहां राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और करोड़ों भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि देश की युवा शक्ति जब अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखेगी, तभी नया भारत और नया मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेगा।
बारिश, तिरंगा और बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीर बन गया। संदेश साफ था—देशभक्ति केवल आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि हर नागरिक के मन में मौजूद भावना है।