Sagar - घी के 36 जार जब्त, लैब जांच के बाद खुलेगा राज, त्योहारों से पहले खाद्य विभाग का एक्शन !
त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले सागर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का जांच अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में टीम ने कृष्णा इंटरप्राइजेस पर कार्रवाई करते हुए ब्रांडेड घी के नमूने लिए और 36 जार जब्त कर सील कर दिए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान फर्म से ‘गोवर्धन प्योर काऊ घी’ का नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत लिया गया। घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर टीम ने 500 एमएल के 36 जार, यानी कुल 18 लीटर घी जब्त किया। जब्त किए गए घी की अनुमानित कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है।
विभाग ने घी के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि घी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। रिपोर्ट में यदि घी मिलावटी या अमानक पाया जाता है, तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। इससे पहले भी टीम ने मिलावट के संदेह में ‘धौलपुर फ्रेश घी’ के 225 जार जब्त किए थे। इनकी अनुमानित कीमत करीब 25 हजार 650 रुपये बताई गई है। इस मामले में भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा सागर शहर में घर-घर फेरी लगाकर घी बेचने वाले जितेन्द्र घोषी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। मोतीनगर थाना क्षेत्र में जांच के दौरान उसके घी के नमूने लिए गए और उन्हें सील कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, पिछले एक महीने में जिले से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 60 नमूने लिए जा चुके हैं। त्योहारों को देखते हुए विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने साफ किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें लैब रिपोर्ट पर हैं, जो तय करेगी कि जब्त घी गुणवत्ता की कसौटी पर कितना खरा उतरता है।