सागर- कई सौ किमी पीछा कर पुलिस खोज लाई चोरी डंपर और आरोपी, अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का खुलासा
सागर जिले के बीना क्षेत्र से करीब 20 दिन पहले एक डंपर चोरी हुआ था। जिसके लिए पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तकनीकी और भौतिक जांच की और आखिरकार अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन चोरों को गिरफ्तार किया। बता दें की बीना रिफाइनरी गेट के बाहर से डंपर चोरी हुआ था। जिस पर आगासौद थाना पुलिस ने जांच शुरू की थी जिसमें सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 12 लाख रुपए कीमत का चोरी गया डंपर बरामद कर लिया है। आरोपियों ने पहचान छिपाने दूसरे वाहन का फास्टैग इस्तेमाल कर टोल प्लाजा पार किए थे। लेकिन पुलिस आरोपियों के गिरेवां तक पहुंच ही गई।
आगासौद थाना प्रभारी अनुपमा शर्मा के मुताबिक झांसी उत्तर प्रदेश निवासी नवल सिंह यादव ने बीते महीने 20 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी की टाटा कंपनी का 10 व्हीलर टिपर जो 18 जुलाई की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास खड़ा था। जो सुबह गायब मिला। पुलिस ने जांच शुरू की थी। लेकिन शुरुआत में सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने नेशनल हाईवे के कई टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। डंपर गुना तरफ जाता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन की लोकेशन का पीछा करते हुए बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के नजदीक निम्बाली टोल प्लाजा तक उसकी गतिविधियों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान सामने आया की आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने राजस्थान में पंजीकृत दूसरे डंपर का फास्टैग चोरी किए गए वाहन में इस्तेमाल किया था। जिससे जांच प्रभावित हुई। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फास्टैग मालिक डालूराम निवासी बायतू जिला बाड़मेर से पूछताछ में उसने इंकार किया। लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने बताया की फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। जिसे सिंधरी क्षेत्र से हिरासत में लिया। जिसने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और साथी सरूपाराम मायला के साथ योजनाबद्ध तरीके से डंपर चोरी किया था। चोरी के बाद तीनों वाहन लेकर राजस्थान पहुंचे और पुलिस से बचने महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी कर रहे थे। फ़िलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।------