Sagar- अचानक हाथों में तिरंगा लेकर सागर की सड़को पर क्यों निकल पड़े मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति की भावना और देश की एकता-अखंडता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में अपने निज निवास मातेश्वरी से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। मंत्री राजपूत स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। उनके साथबड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं नागरिकों ने तिरंगा हाथ में लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और संगठन के कार्यक्रम के अनुसार आयोजित इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और मजबूत करना है। सुरखी विधानसभा क्षेत्र में यह अभियान लगातार आगे बढ़ेगा और विधानसभा के विभिन्न ग्रामों में धूमधाम के साथ तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके तीन रंग और अशोक चक्र हमें देश की विविधता, शांति, साहस, प्रगति और कर्तव्य का संदेश देते हैं। तिरंगे को हाथ में लेकर चलना केवल एक कार्यक्रम में शामिल होना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और जिम्मेदारी को व्यक्त करना है।
उन्होंने कहा कि देश को स्वतंत्र कराने के लिए असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे वीरों का त्याग, तपस्या और बलिदान है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रध्वज के महत्व से जोड़ना भी हमारा दायित्व है।
राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और तिरंगा यात्राओं को लेकर उत्साह का वातावरण