सागर में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार, 7 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
सागर शहर में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच मोतीनगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई 7 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि पूछताछ में वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक मोतीनगर थाना क्षेत्र सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ समय से मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम संदिग्धों पर नजर रखने के साथ तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में जुटी थी।
इसी दौरान शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को बाइक चोरी से जुड़े संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम सुंदर पटेल और नीतीश पटेल, दोनों निवासी ग्राम बदौना, तथा राजकुमार पटेल निवासी बम्होरी डूडर के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने सागर शहर के अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की।
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 7 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में स्प्लेंडर, पैशन प्रो, हीरो होंडा सहित अलग-अलग कंपनियों की मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों और चोरी से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। वहीं, आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी की गई अन्य मोटरसाइकिलों को कहां खपाया गया।
पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद सागर शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई और बाइक चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है। बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में भी पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। मोतीनगर थाना पुलिस की कार्रवाई में वाहन चोरी के नेटवर्क का एक हिस्सा सामने आया है। अब पुलिस की नजर गिरोह से जुड़े संभावित अन्य आरोपियों और चोरी के वाहनों की बरामदगी पर है।