बुड्ढा होगा तेरा बाप... 71 की उम्र में 25 सौ किमी की यात्रा पर निकले ये शख्स, बाइक से करेंगे पूरी यात्रा
एक बड़ा ही मशहूर फिल्म का डायलॉग है न बुड्ढा होगा तेरा बाप, कुछ ऐसी ही कहानी एक शख्स की भी है जो भले ही उम्र के 71 वे पड़ाव पर पहुंच गए हैं लेकिन दिल आज भी जवान है और जज़्बा भी ऐसा ही की अच्छे अच्छे मात खा जाएं। मतलब जिस उम्र में लोग आराम करते हैं सफर से दूर रहते हैं या बचते हैं उस उम्र में ये जनाब 25 सौ किलोमीटर की बाइक यात्रा पर निकल गए हैं। जी हाँ उज्जैन जिले के 71 साल के निवासी अशोक मंडलोई रामदेवरा यात्रा पर निकल गए हैं।
उज्जैन की योगेश्वरी टेकरी शाखा के सदस्यों ने उनके जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें अनूठी विदाई दी। अपनी उम्र को महज एक आंकड़ा साबित करते हुए मंडलोई ने देश में अमन-चैन और भाईचारे का संदेश देने बाबा रामदेवरा की एक बेहद कठिन और लंबी धार्मिक यात्रा का बीड़ा उठाया है। योगेश्वरी टेकरी शाखा के सभी सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद वे अपनी बाइक से हजारों किलोमीटर के सफर पर निकल पड़े। जो कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि 25 सौ किलोमीटर की यात्रा है। जिसे पूरा करने में उन्हें करीब 25 दिन लगेंगे।
अशोक मंडलोई बताते हैं की वे उज्जैन से अपनी बाइक पर सवार होकर रवाना हुए हैं। उनका यह पूरा रूट बाबा रामदेवरा (राजस्थान) से होते हुए खाटूश्याम और अन्य धार्मिक स्थलों से गुजरेगा। इस दौरान वे अकेले ही मोटरसाइकिल के जरिए इस महा-अभियान को अंजाम तक पहुंचाएंगे।
हालांकि अशोक मंडलोई का यह कोई पहला कारनामा नहीं है बल्कि ये उनका 19वां वार्षिक सफर है। इससे पहले के चार साल उन्होंने यह कठिन यात्रा पूरी तरह पैदल चलकर पूरी की थी। जबकि बाकी के सालों में वे लगातार बाइक से यह सफर कर रहे हैं। उनके साथी सुरेश चौहान ने बताया कि इसके अलावा वे पहले भी ओंकारेश्वर और अयोध्या जैसे प्रमुख तीर्थों की लंबी यात्राएं सफलतापूर्वक संपन्न कर चुके हैं
जबकि दिनेश सिसोदिया बताते हैं की मंडलोई सिर्फ धार्मिक आयोजनों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि राष्ट्रहित से जुड़े बड़े आंदोलनों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अयोध्या के ऐतिहासिक ढांचे से जुड़े घटनाक्रम में भी वे अपनी अहम भागीदारी निभा चुके हैं। इतनी उम्र में भी उनके भीतर का यह जोश और ऊर्जा आज के युवाओं के लिए भी किसी बड़ी प्रेरणा से कम नहीं है।