sagar- अस्पताल में इलाज के लिए कराहते रहे घायल, न डॉक्टर मिले न एंबुलेंस | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले के राहतगढ़ से सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क हादसे में घायल 9 लोगों को इलाज के लिए राहतगढ़ सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद करीब आधे घंटे तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सके। गंभीर हालत में मरीज इलाज के इंतजार में रहे और परिजन परेशान होते रहे। इसके बाद 8 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया, लेकिन उन्हें ले जाने के लिए सरकारी 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी। दरअसल, राहतगढ़ थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में कुल 9 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए राहतगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों के सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई।
बताया जा रहा है कि घायल मरीज करीब आधे घंटे तक डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। गंभीर हालत में मरीज अस्पताल में पड़े रहे, जबकि उनके परिजन इलाज को लेकर परेशान होते नजर आए। जैसे-तैसे डॉक्टर उपलब्ध हुए और घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद 9 घायलों में से 8 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया गया। इनमें हादसे में घायल आइशर ट्रक चालक भी शामिल बताया जा रहा है।
लेकिन इसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक और सवाल सामने आया। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहनों की व्यवस्था कराई और गंभीर घायलों को सागर जिला अस्पताल भेजा गया। अब सवाल यह है कि सड़क हादसे जैसे आपातकालीन मामले में जब मरीज अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों की तत्काल उपलब्धता क्यों नहीं थी? वहीं, जब एक साथ 8 गंभीर मरीजों को रेफर किया गया, तब 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध क्यों नहीं हो सकी?
आपात स्थिति में समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस मिलना मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में राहतगढ़ की यह घटना स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या जवाब देते हैं। क्या राहतगढ़ सिविल अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और 108 एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा?