तंबाकू-नशे से दूर रहें युवा, स्वस्थ समाज के निर्माण में निभाएं भूमिका: IMA सागर
तिली छात्रावास में नशामुक्ति एवं तंबाकू निषेध जागरूकता अभियान, छात्रों को बताए नशे के गंभीर दुष्परिणाम
सागर, 1 सितंबर 2026। युवाओं और आमजन को तंबाकू तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर द्वारा शासकीय संभाग स्तरीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालक छात्रावास, तिली में नशामुक्ति एवं तंबाकू निषेध जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों को तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी, धूम्रपान और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान की जानकारी दी गई।
छोटी उम्र की शुरुआत बन सकती है गंभीर लत
IMA सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव या तनाव के कारण होती है। धीरे-धीरे यही आदत शारीरिक और मानसिक निर्भरता में बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसकी कार्यक्षमता, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक संबंधों पर भी गंभीर असर डाल सकती है।
तंबाकू से कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि तंबाकू का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है। सिगरेट और बीड़ी का धुआं सेवन करने वाले व्यक्ति के साथ आसपास मौजूद लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन से फेफड़ों, मुंह और गले समेत शरीर के विभिन्न अंगों के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा हृदय रोग, स्ट्रोक और क्रॉनिक श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने युवाओं से तंबाकू उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की अपील की।
नशा समस्या का समाधान नहीं, नई समस्या की शुरुआत
डॉ. साद ने कहा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह खुद एक नई समस्या को जन्म देता है। उन्होंने युवाओं को तनाव और मानसिक दबाव से निपटने के लिए खेल, व्यायाम, रचनात्मक गतिविधियों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों, चिकित्सकों और समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
किसी भी उम्र में छोड़ा जा सकता है तंबाकू
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि लंबे समय से तंबाकू या धूम्रपान करने वाले लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है। नशा छोड़ने का निर्णय किसी भी उम्र में लिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मदद ली जा सकती है।
उन्होंने परिवार और मित्रों से भी अपील की कि नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे व्यक्ति की आलोचना करने के बजाय उसका सहयोग करें।
छात्रों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
अभियान के दौरान छात्रों से अपील की गई कि वे स्वयं तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में छात्रों को विशेष रूप से संदेश दिया गया कि तंबाकू की शुरुआत से बचें, धूम्रपान के धुएं से दूरी रखें, बच्चों और युवाओं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने में परिवार सक्रिय भूमिका निभाए और नशे की समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक सहायता लें।
नशामुक्त समाज के लिए IMA का अभियान जारी
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि IMA सागर चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता को भी अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानता है। नशामुक्ति एवं तंबाकू निषेध अभियान इसी दिशा में एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ नागरिकों से बनती है। यदि बच्चों और युवाओं को समय रहते नशे से बचाया जाए, तो आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारियों और नशे से जुड़ी सामाजिक समस्याओं से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्रों और अन्य लोगों को तंबाकू एवं नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।