FIR को लेकर TI के कथित बयान से गरमाया मामला, पुलिस की भूमिका पर सवाल | SAGAR TV NEWS |
एमपी के गुना जिले की आरोन तहसील के ग्राम घटावदा में कथित यूरिन कांड के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में शासकीय स्कूल के मुख्य द्वार पर निजी ताला लगाए जाने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया, जिसके चलते विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी हुई और स्कूल का संचालन प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि शासकीय स्कूल में ताला लगाए जाने की शिकायत और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता आरोन थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखते हुए मांग की कि सरकारी स्कूल में ताला लगाकर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लेकिन थाने पहुंचने के बाद मामला उस समय और गरमा गया, जब प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी रविंद्र सिंह सिकरवार पर कथित तौर पर “मैं FIR नहीं करूंगा” कहने का आरोप लगाया। इस कथित बयान के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर सरकारी स्कूल में निजी तौर पर ताला लगाए जाने की शिकायत पुलिस के सामने रखी गई थी, तो उस शिकायत पर पुलिस ने क्या प्रक्रिया अपनाई? क्या मामले की जांच की गई? स्कूल का ताला किसने लगाया, इसके संबंध में पुलिस ने कोई जानकारी जुटाई या नहीं? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
घटावदा में पहले से ही कथित यूरिन कांड को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। अब स्कूल में ताला लगाए जाने के आरोप ने विवाद को और बढ़ा दिया है। एक तरफ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लोगों और पुलिस के बीच कथित बातचीत ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, थाना प्रभारी की ओर से कथित बयान के संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। अब देखना होगा कि स्कूल में ताला लगाए जाने की शिकायत की जांच किस स्तर पर होती है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।