मंदिर हटाने पर बवाल! VHP-बजरंग दल का 5 घंटे धरना, 5 प्रमुख रास्तों पर चक्का जाम | SAGAR TV NEWS |
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई को लेकर जमकर बवाल हो गया। सराफा क्षेत्र स्थित मंदिर को हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की टीम के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर के बाहर धरना शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन के बाद भी जब बात नहीं बनी तो कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम कर दिया। यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के बाद प्रशासन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी पड़ी और फिलहाल मंदिर हटाने की कार्रवाई रोक दी गई। दरअसल, एमपी के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक मार्ग के चौड़ीकरण की योजना में सराफा क्षेत्र का खड़ा हनुमान मंदिर भी प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की ओर से मंदिर को हटाकर दूसरी जगह स्थापित करने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।
आज नगर निगम और पुलिस प्रशासन का अमला मंदिर हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा। इसकी जानकारी मिलते ही VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मंदिर के बाहर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने मंदिर नहीं हटाने की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने आगर रोड, इंदौर रोड, देवास रोड, उन्हेल रोड, मक्सी रोड और बड़नगर रोड पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले जाम के कारण शहर में आने-जाने वाले वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ।
मामले में एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि इस मार्ग से शाही सवारी प्रस्तावित है और खड़ा हनुमान मंदिर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। उन्होंने कहा कि पुजारी से सहमति हो चुकी है, जबकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की मांग है कि शाही सवारी निकलने के बाद मंदिर को शिफ्ट किया जाए। उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। वहीं VHP-बजरंग दल के जिला सह संयोजक विक्की राठौर ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर हटाने का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर भी सवाल उठाए।
फिलहाल प्रशासन ने मंदिर हटाने की कार्रवाई तत्काल रोक दी है और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात भी सामान्य कर दिया गया। उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और धार्मिक स्थलों के स्थानांतरण को लेकर सामने आया यह विवाद अब प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल थम गया है। अब देखना होगा कि शाही सवारी के बाद मंदिर को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है।