कैसे CMO हो आप ? कलेक्टर ने लगाई अफसरों की क्लास, आवास की जानकारी नहीं दे पाए तो फटकारा !
एमपी के दतिया जिले में अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े का सख्त तेवर देखने को मिला। बड़ौनी नगर पंचायत में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान कलेक्टर ने आवास योजना से जुड़ी जानकारी को लेकर नगर पंचायत के CMO और संबंधित कर्मचारी से सवाल किए। लेकिन जब अधिकारी कलेक्टर के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो कलेक्टर नाराज हो गए और उन्होंने अफसरों को जमकर फटकार लगाई। दरअसल, जन समस्या निवारण शिविर में एक हितग्राही ने कलेक्टर से शिकायत की थी कि उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर ने तत्काल बड़ौनी नगर पंचायत के CMO से सवाल किया कि आवास योजना का लाभ किन लोगों को मिलता है? आवास से जुड़े काम की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की है? हितग्राहियों से संबंधित जानकारी और प्रक्रिया क्या है?
कलेक्टर के सवालों पर CMO और संबंधित बाबू मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं करा पाए। इस पर कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने CMO को फटकार लगाते हुए सवाल किया—‘कैसे CMO हो आप?’ इसके बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारी को भी आवश्यक जानकारी नहीं होने पर फटकार लगाई। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई और जन समस्या निवारण शिविर में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित योजनाओं की पूरी जानकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को होनी चाहिए।
कलेक्टर की नाराजगी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कलेक्टर अधिकारियों से आवास योजना से जुड़े सवाल करते और जानकारी नहीं मिलने पर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी हितग्राही को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बड़ौनी में सामने आए इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल है। जन समस्या निवारण शिविर में कलेक्टर का सख्त रवैया यह संदेश देता नजर आया कि सरकारी योजनाओं और जन शिकायतों के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल कलेक्टर की फटकार का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित हितग्राही की आवास संबंधी शिकायत का निराकरण कितनी जल्दी होता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।