केन-बेतवा लिंक परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर, देश की पहली परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से बुंदेलखंड में विकास के नए रास्ते खुलेंगे। ये बात कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने कही है। दरअसल वह छतरपुर जिले के पुनर्वास स्थल करौंदिया पहुंचे थे। इस दौरान उनका अलग ही अंदाज़ देखने मिला। वह एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचे, पूछा की खाने में क्या बना, महिला ने कहा रोटी तो मंत्री तुलसी सिलावट परिवार संग बैठ गए और अचार रोटी खाने लगे। साथ ही समस्याएं भी सुनी।
दरअसल छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत चल रहे पुनर्वास कार्यों का जायजा लेने मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पुनर्वास स्थल करौंदिया पहुंचे थे। जहां उन्होंने पुनर्वासित परिवारों से संवाद करते हुए निर्माणाधीन मकानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनके मुआवजे, पुनर्वास राशि और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है।
वहीं निरीक्षण के दौरान वह आदिवासी परिवार के घर भी पहुंचे। महिला उमा आदिवासी से पूछा कि घर में भोजन में क्या बनाया। महिला ने रोटी बनाए जाने की बात कही तो मंत्री परिवार के साथ बैठ गए और अचार के साथ रोटी खाई। वहीं ग्रामीणों से बातचीत में पूछा की उन्हें कितना मुआवजा और पुनर्वास पैकेज मिला है। साथ ही पुनर्वास स्थल पर आने वाली परेशानियों और जरूरतों की जानकारी भी ली।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही पुनर्वास पैकेज से वंचित नहीं रहना चाहिए। पुनर्वासित परिवारों को सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्गों से भी बातचीत की। साथ ही कहा की सरकार पुनर्वासित परिवारों के साथ खड़ी है विस्थापित परिवारों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-----