सागर बारिश के मौसम में बीमारियों का बढ़ा खतरा, IMA सागर ने चलाया जागरूकता अभियान; डेंगू-मलेरिया से बचाव के बताए उपाय
सागर। बारिश के मौसम में जलभराव, मच्छरों की बढ़ती संख्या और दूषित पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर शाखा ने आमजन को वर्षाकालीन बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर छपरा में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया।
शिविर में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और वायरल बुखार के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने लोगों को बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
पानी जमा होने से रोकें, मच्छरों पर करें नियंत्रण
IMA सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि वर्षा ऋतु में घरों और आसपास पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ती है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी साधनों का उपयोग किया जा सकता है। घर और आसपास नियमित साफ-सफाई रखना भी बेहद जरूरी है।
तेज बुखार को सामान्य वायरल समझकर न करें अनदेखी
डॉ. साद ने कहा कि तेज बुखार को हमेशा सामान्य वायरल मानकर खुद से दवा लेना उचित नहीं है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, पेट दर्द या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से डेंगू की आशंका में बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचने की सलाह दी।
मलेरिया और टाइफाइड से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
शिविर में बताया गया कि मलेरिया में ठंड लगकर बुखार आना, पसीना आना, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच और उपचार जरूरी है। मलेरिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार का पूरा कोर्स लेना चाहिए।
वहीं, टाइफाइड से बचने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल, साफ भोजन और हाथों की नियमित सफाई पर जोर दिया गया। लोगों को खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई।
वायरल बुखार में आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ जरूरी
डॉ. तल्हा साद ने बताया कि बारिश के मौसम में विभिन्न वायरल संक्रमणों के मामले भी बढ़ सकते हैं। बुखार के साथ खांसी, जुकाम, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में पर्याप्त आराम, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेना जरूरी है।
IMA ने लोगों से अपील की कि वे घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पानी जमा न होने दें, मच्छरों की उत्पत्ति रोकें और स्वच्छ पानी एवं भोजन का सेवन करें। बुखार या अन्य गंभीर लक्षण होने पर खुद से एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. साद ने कहा कि वर्षाकालीन बीमारियों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग या चिकित्सकों की जिम्मेदारी नहीं है। नागरिकों की जागरूकता और सामूहिक प्रयास से इन संक्रमणों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। IMA सागर की ओर से आने वाले दिनों में भी विभिन्न स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।