Sagar -परिवार के साथ Hanuman Ansh देखने पहुंचे सुनील लोधी, टॉकीज में सुनाया गाना मैंने तेरे ही...
सागर जिले के दृष्टिबाधित युवक सुनील लोधी की आवाज फिल्म हनुमान अंश के गाने मैंने तुम्हारे भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई से देशभर में धूम मचा रहे है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले सुनील लोधी ने अपनी मेहनत और सुरों के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। कभी छोटे से गांव में गाने वाले सुनील के पास अब बॉलीबुड फिल्मो से ऑफर आ रहे है साथ ही उनके कई शो भी बुक हो चुके है, अब वह जहां भी जाते है फैंस उनके साथ सेल्फी लेने के लिए बेकरार दिखाई देते है,
फिल्म की सफलता के बाद सुनील सागर पहुंचे। सागर के मकरोनिया में सिनेमा हाल में उन्होंने परिवार सहित फ़िल्म देखी, इस दौरान सुरखी पूर्व विधायक पारुल साहू ने सुनील लोधी का सम्मान किया। सम्मान मिलने के बाद सुनील ने अपनी खुशी जाहिर की और लोगों के सामने बुंदेली भजन प्रस्तुत किया। टाकीज़ में उन्होंने फिल्म का गाना सुनाया। उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। सुर्खी की पूर्व विधायक पारुल साहू के द्वारा सुनील के साथ उनके परिवार और गांव के लोगों को फिल्म हनुमान अंश देखने की व्यवस्था की थी
बात दे सुनील जैसीनगर ब्लॉक के एक छोटे से गांव अगरा के रहने वाले है, उनके पिता की एक एकड़ जमीन है और 4 भाई बहन है जिसमे सुनील बड़े है, उन्होंने लता मंगेशकर के ट्रेक पर भजन गाने की शुरुवात की थी पहले गांव में गाते थे लेकिन फिर सोशल मीडिया पर मोरे संकट के कटैया वायरल हुई रील ने बड़े सिंगरो का ध्यान खींचा, पहले सागर के अंकित पांडे और फिर इंदौर के पंकज पीवीआर तक पहुंचे उन्होंने प्रॉपर रिकॉर्डिंग के साथ गाने पब्लिश किये पसंद किये जाने लगे, फिर वह मुंबई के ॐ साईं राम स्टूडियो तक पहुंचे जहां बार्सोवा बीच से इंस्टा पर तस्वीर डालने के बाद डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने संपर्क कर अपने स्टूडियो बुलाया और फिल्म ‘हनुमान अंश’ में बुंदेली भजन गाने का मौका दिया गया। फिल्म में सुनील की आवाज में गाया गया भजन अब लोगों की जुबान पर है। हालांकि इस गाने के बाद सुनील की किस्मत पूरी तरह बदल गयी है, इसी तरह वह बॉलीबुड तक पहुंच गए,
सुनील ने अपनी जिंदगी के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब वे बेहद निराश हो गए थे। दोस्तों के साथ नदी किनारे गए एक घटनाक्रम के बाद वे उनसे बिछड़ गए थे। उस वक्त वे मानसिक रूप से काफी परेशान हुए और जिंदगी को लेकर नकारात्मक विचार भी उनके मन में आए। लेकिन उनके दोस्त रोहित ने उन्हें संभाला और मुश्किल समय में उनका साथ दिया।