भारी बारिश ने मचाई आफत, खेतों,सड़कों में भरा पानी, कई वाहन पानी में फंसे, बारिश के बाद आया सैलाब !
लगातार भारी बारिश ने एक बार फिर से आफत मचाई है। खेत, सड़कें पुल-पुलियें सब पानी में सराबोर नज़र आ रहे हैं। बारिश के बाद ऐसा मंज़र दिखाई दिया जो चौंकाने वाला है क्योंकि चारों तरफ सिर्फ पानी ही नज़र आ रहा था। बाढ़ के हालात बन गए हैं। तीन दर्जन से ज्यादा गांवों का शहर से संपर्क टूट गया। सड़कों पर पांच फ़ीट ऊपर पानी बह रहा था। तस्वीरें एमपी के रीवा जिले की हैं। एक तरफ पानी में फंसने से चालक ने बोलेरो की छत पर बैठकर अपनी जान बचाई। तो वहीं पानी में बस फंसने से लोगों ने धक्का देकर निकाला। वहीं सब स्टेशन पानी में लबालब होने से करीब तीस गांवों की बिजली गुल हो गयी।
रीवा जिले में लगातार होने वाली बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। रायपुर-सोनोरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर कई जगहों पर बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। जिस कारण करीब 40 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। अमाव और पड़री गांव में सड़क से करीब 5 फीट ऊपर पानी बह रहा है।
अमाव में तेज बहाव के बीच एक बोलेरो वाहन फंस गया। स्थिति बिगड़ने पर चालक ने बोलेरो की छत पर बैठकर अपनी जान बचाई। बाद में ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के जरिए बोलेरो को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तो पड़री गांव में पानी के बीच एक बस फंस गई। जिसे ग्रामीणों ने धक्का देकर निकाला। दोनों घटनाओं में ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
इसके अलावा भारी बारिश के चलते चंद्रपुर और रायपुर-सोनोरी पावर स्टेशन में भी पानी घुस गया। जिससे करीब 30 गांवों की बिजली सप्लाई बंद हो गई।
तो डीह पुल भी पानी में डूब गया। जबकि टमस, बेलन, नैना और गोरमा नदियां उफान पर हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और सड़कों पर तेज बहाव के चलते आवागमन प्रभावित है। जबकि त्योंथर की पुरानी बस्ती पूरी तरह टापू में तब्दील हो गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और प्रशासन की चुनौती भी बढ़ गई है।