महज दस दिन में एक ही परिवार के 4 बच्चों की अज्ञात बीमारी से गई जान, तीन का अभी भी इलाज जारी
एक ही परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा की महज दस दिनों में चार बेटों की जान चली गयी। जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। जबकि तीन बच्चियों को इलाज के लिए रैफर किया गया है। इस दर्दनाक घटना ने लोगों को बुरी तरह झखझोर कर रख दिया। अज्ञात बीमारी से उनकी जान जाना बताया जा रहा है। मामला शिवपुरी जिले के फिजीकल थाना क्षेत्र का है। मृतकों में तीन सगे भाई जबकि एक रिश्तेदार का बेटा शामिल है।
बताया गया की परिवार के सदस्य बीते महीने 16 अगस्त को गोरा टीला के पास एक झरने पर नहाने गए थे। इसके बाद कई सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक झरने के पानी को इसका कारण नहीं माना है। अधिकारियों की माने तो सैंपल और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों का खुलासा हो सकेगा l सैंपलिंग के दौरान तीन बच्चियों की भी तबीयत खराब होने की बात सामने आई। जिससे उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है l
जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाने के सामने रहने वाले तनवीर अहमद के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार समेत करीब 16 लोग झरने पर नहाने गए थे। वापिस आने के बाद अचानक बीमारी फैलने लगी और चार बच्चों की तबियत बिगड़ती चली गई। जिनमें बुखार, पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत थी। इलाज के दौरान चारों ने दम तोड़ दिया। सबसे पहले 14 साल के ताहिर की तबीयत बिगड़ी। और इलाज के दौरान जान चली गयी।
इसके बाद 19 साल के अयाज समेत परिवार के अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ी। और नहीं बचाया जा सका। एक ही परिवार में लगातार चार जानें जाने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और समेत समेत आसपास के लोगों के सैंपल लिए गए। बच्चों की जान किस वजह से गयी इसकी जांच की जा रही है।
एडीएम दिनेश चंद शुक्ला के मुताबिक झरने पर नहाने गए करीब 62 लोगों के सैंपल लिए हैं l मेडिकल टीम जांच कर रही है बुखार के चलते इन चार बच्चों की जान गयी है l उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी गयी है l झरने के पानी की भी सैंपलिंग की गई है l फिलहाल जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा की आखिर बच्चों के जाने जाने की असल वजह क्या है।------