Sagar-श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ का शुभारंभ, मंत्री गोविंद राजपूत बोले- विकास और जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर सागर के सुरखी विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक आस्था और विकास का संगम देखने को मिला। प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी और बिलहरा में श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ के शुभारंभ अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ना भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीखा जा सकता है। श्रीमद्भगवद्गीता के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के संदेश को उन्होंने आज के जीवन के लिए भी प्रासंगिक बताया।
मंत्री राजपूत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनकल्याण और विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सिंचाई समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार काम हो रहे हैं। क्षेत्र को करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी गई है और आने वाले समय में भी विकास की गति बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
मंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के समानता और मानवता के संदेश का उल्लेख करते हुए समाज से जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। गोवर्धन पर्वत के प्रसंग के जरिए उन्होंने सामूहिक सहयोग और एकता का महत्व भी बताया। गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा करना होना चाहिए। उन्होंने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी क्षेत्रवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।