सागर कलेक्टर ने गरीब के राशन खाने वाले 5 दुकानों पर FIR कराई, लाखों के खाद्यान्न का हिसाब गायब
सागर में गरीब हितग्राहियों के हक के राशन में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन की जांच में शहर की पांच उचित मूल्य दुकानों पर लाखों रुपए के खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला। जांच में स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड में भारी अंतर के साथ कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद संबंधित राशन दुकान विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और पांचों दुकानों को निलंबित कर दिया गया है।
मामला सागर शहर की गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड, शिवाजीनगर सहित संबंधित उचित मूल्य दुकानों से जुड़ा है। राशन वितरण में अनियमितता और हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायतें जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार माध्यमों के जरिए प्रशासन तक पहुंच रही थीं।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य विभाग ने दुकानों की जांच की। जांच के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न और हितग्राहियों को किए गए वितरण के बीच बड़ा अंतर मिला। कई दुकानों पर स्टॉक का सही संधारण नहीं किया गया था, जबकि कुछ जगह निर्धारित समय पर दुकान नहीं खोलने की भी शिकायतें और अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में सुबेदार-01 उचित मूल्य दुकान में वर्तमान विक्रेता ध्रुव रजक के स्तर पर करीब 1.45 लाख रुपए मूल्य के 2,236 किलोग्राम खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला। वहीं पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के कार्यकाल में करीब 15.67 लाख रुपए मूल्य के 5,60,012 किलोग्राम खाद्यान्न के अपयोजन की बात सामने आई।
शास्त्री वार्ड की दुकान में करीब 14.55 लाख रुपए मूल्य के 47,291 किलोग्राम खाद्यान्न का अंतर पाया गया। गांधीचौक वार्ड की दुकान में भी वर्तमान और पूर्व विक्रेता के स्तर पर करीब 8.53 लाख रुपए मूल्य के खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला।
इसके अलावा रामपुरा वार्ड में करीब 4.75 लाख रुपए और शिवाजीनगर वार्ड में करीब 6.47 लाख रुपए मूल्य के खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिलने की बात जांच में सामने आई।
अनियमितताओं की पुष्टि के बाद पांचों दुकानों को निलंबित कर नजदीकी संस्थाओं से अटैच किया गया है, ताकि हितग्राहियों को राशन मिलने में परेशानी न हो। संबंधित विक्रेताओं पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और BNS की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही गबन किए गए खाद्यान्न की राशि की वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।