पन्ना में बारिश का कहर, जलप्रलय से शहर बेहाल, बैंक-घर और मंदिर डूबे
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई घरों, मंदिरों और दुकानों में पानी घुस गया है। वहीं ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब की बाउंड्री वॉल ढहने से मुख्य सड़क पर पानी फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन रास्ता बंद कर दिया।
तस्वीरें एमपी के सागर संभाग के पन्ना जिले में बारिश के बाद बने भयावह हालात की हैं। आशीष लोक और राजा बाबू कॉलोनी के दर्जनों घरों में नाले का पानी घुस गया। लोग रातभर अपने घरों से पानी निकालने की जद्दोजहद करते रहे। कई जगह घरों के अंदर पानी भरने से लोगों का सामान भी प्रभावित हुआ है।
कलेक्ट्रेट के पास स्थित ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब की बाउंड्री वॉल अचानक ढह गई। इसके बाद तालाब का पानी मुख्य सड़क की ओर फैल गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर मार्ग को बंद कर दिया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
पन्ना के प्रसिद्ध मानस स्थली लक्ष्मीपुर मंदिर परिसर और वहां बने निवास में भी दो से तीन फीट तक पानी भर गया। पानी भरने से गृहस्थी का सामान खराब होने की बात सामने आई है।
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्राम तिलकवा में दर्जनों घर जलमग्न हो गए। ग्रामीण बाल्टियों और पंप की मदद से घरों में भरा पानी बाहर निकालते नजर आए।
यूनियन बैंक के पीछे समेत कई इलाकों की सड़कें भी पूरी तरह पानी से लबालब हो गईं। हालात ऐसे बने कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। यूनियन बैंक के अंदर भी पानी भर गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने बाल्टी और पंप के जरिए पानी बाहर निकाला।
लगातार बारिश से पन्ना में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग की ओर से फिलहाल राहत की संभावना नहीं होने के चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
फिलहाल पन्ना में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन की नजर जलभराव वाले इलाकों पर बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत न होने पर घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की जा रही है।