Sagar-ख़ास अंदाज में मनाया मंत्री गोविंद राजपूत ने जन्मदिन, हजारों लोगों का उमड़ा प्यार और आशीर्वाद
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियों के बीच सागर जिले की सुरखी विधानसभा से विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का जन्मदिन भी खास अंदाज में मनाया गया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जन्मे गोविंद राजपूत के जन्मोत्सव में हजारों की संख्या में शुभचिंतक, कार्यकर्ता और समर्थक होटल रॉयल पैलेस पहुंचे और उन्हें जन्मदिन एवं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत जन्मदिन से कहीं बढ़कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का अवसर है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने दिन की शुरुआत गाय को रोटी खिलाकर की। इसके बाद परिवार के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वृक्षारोपण के बाद वे सागर के प्रसिद्ध भूतेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन और अभिषेक किया। इसके बाद भगवान को 56 भोग अर्पित कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
भूतेश्वर महादेव का अभिषेक करने के बाद जब मंत्री गोविंद राजपूत शहर से होकर निकले तो कई स्थानों पर समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जन्मोत्सव स्थल होटल रॉयल पैलेस पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले दिव्यांग बच्चों के साथ भोजन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं, मित्रों और शुभचिंतकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ, जो कई घंटे तक चलता रहा। हजारों लोगों का स्नेह और शुभकामनाएं उनके जन्मदिन को यादगार बना गईं।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म भी जन्माष्टमी के दिन हुआ, यह उनके लिए ईश्वर का आशीर्वाद और सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि उनका जन्मदिन मनाना केवल एक बहाना है, असल में यह अवसर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का है।
उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में पहुंचे मित्रों और कार्यकर्ताओं का प्रेम और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है। उनका संकल्प है कि यह स्नेह हमेशा बना रहे और वे ईश्वर के चरणों में सिर झुकाकर इसी तरह जनता की सेवा करते रहें।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसी के अनुरूप उसे परिणाम प्राप्त होता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने राजा बनने के बाद भी अपने बचपन के मित्र सुदामा को गले लगाया। यह हमें सिखाता है कि इंसान कितना भी बड़े पद पर क्यों न पहुंच जाए, उसे हर व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग को मान-सम्मान देना ही भगवान श्रीकृष्ण के संदेश की सच्ची भावना है।