महज 22 साल में जर्जर हुआ स्कूल भवन, मवेशियों को बांधने वाली जगह पढ़ रहे बच्चे, दयनीय स्थिति !

 

महज 22 सालों में ही स्कूल का भवन जर्जर हो गया। हैरानी की बात ये है की बच्चों की पढ़ाई मवेशियों को बांधने वाली जगह पर टीनशेड के नीचे हो रही है या पेड़ के नीचे बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। क्योंकि करीब साढ़े पांच सौ स्कूलों में से एक ये भी है जिसे कल भी मरम्मत का इन्तजार था और आज भी है। मुरैना जिले के पहाड़गढ़ ब्लॉक के चांचुल गांव का ये मामला है जहांहादसे के डर से स्कूल भवन खली कर दिया गया है। अब 35 बच्चों की पढ़ाई टीनशेड और पेड़ के नीचे हो रही है।

 

 

 

मुरैना जिले से सामने आई सरकारी भवनों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर ये तस्वीरें अपनी हकीकत खुद बयां कर रही हैं। चांचुल गांव में 22 साल पहले बना प्राइमरी स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। दीवारों में दरारें हैं छत का प्लास्टर उखड़ चुका है लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। हादसे के डर से शिक्षक और बच्चों ने भवन में बैठना बंद कर दिया है। अब स्कूल करीब एक किलोमीटर दूर एक ग्रामीण के टिनशेड और पेड़ के नीचे संचालित हो रहा है।

 

 

 

ये स्कूल भवन साल 2003-04 में बना था। लेकिन अब ये पढ़ाई लायक नहीं रह गया। यहां बैठना मतलब हादसे का दावत देना है। कई बार तो बच्चों के आसपास छत का हिसस अभी गिर चुका है। बारिश के समय स्थिति चिंताजनक हो जाती है लगातार पानी टपकता है। जिस कक्षाएं लगना भी बंद हो गयी हैं। स्कूल भवन के बाहर चस्पा किये गए नोटिस में स्कूल का संचालन दूसरी जगह किये जाने की बात लिखी है। यहां 35 बच्चे पढ़ते हैं जबकि दो शिक्षक हैं। फ़िलहाल कक्षाएं एक किलोमीटर दूर एक ग्रामीण के टीनशेड में लगाई जा रही हैं। जहां मवेशी बांधे जाते थे। जगह कम होने से बच्चे पेड़ के नीचे बैठते हैं।

 

 

 

 

शिक्षकों की माने तो इसको लेकर जिला पंचायत सीईओ से मांग की गई थी। जहां बारिश के बाद अतिरिक्त कक्ष बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गयी।

हालांकि चांचुल का ही सिर्फ अकेला मामला नहीं है बल्कि मुरैना जिले में 1776 प्राइमरी और 560 मिडिल स्कूल हैं। इनमें से 542 स्कूल भवन ऐसे हैं। जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। जिला शिक्षा केंद्र ने इन भवनों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है जिनमें अब तक केवल 52 स्कूल भवनों के मेंटेनेंस को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। तो जर्जर हो चुके 103 स्कूल भवनों को ढहाया जा चुका है। इनमें से 70 भवनों का दोबारा निर्माण प्रस्तावित है। अभी तक 33 भवनों के निर्माण की प्रशासकीय अनुमति मिली है। जबकि 37 भवनों का मामला प्रक्रिया में अटका हुआ है।

मामले में डीपीसी हरीश तिवारी का कहना है की चांचुल स्कूल का प्रस्ताव ब्लॉक से नहीं मिला है।


By - sagar tv news
05-Sep-2026

YOU MAY ALSO LIKE

POPULAR POSTS

बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप! 39 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, बड़े पैमाने पर तबादले
by sagar tv news , 21-Sep-2026
सागर में जहरीली शराब का कहर, 19 मौ तें, 112 मरीज भर्ती; 10 आरोपी गिरफ्तार | SAGAR TV NEWS |
by sagar tv news , 07-Sep-2026
Sagar-गुरुपूर्णिमा पर जरूर करे ये उपाय, बढ़ेगी बरकत करियर में मिलेगी तरक्की, जानें ज्योतिषाचार्य से
by sagar tv news , 28-Jul-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
Read More

Sagartvnews subscribe on youtube



NEWSLETTER

सागर टीवी न्यूज़ से सबसे पहले न्यूज़ लेने के लिए अभी अपना ईमेल डालें और सब्सक्राइब करें
Sagar TV News.