बारिश ने मचाया हाहाकार, डैम के 6 गेट खुलने से नदी-नाले, इलाके हुए जलमग्न,कई जगह बाढ़ के बने हालात
आसमान से लगातार बरसता पानी जहां पहले राहत दे रहा था, वहीं अब मुसीबत खड़ी कर रहा है। आलम कुछ ऐसा है की लगातार बारिश से डैम के छह गेट खोलने पड़े। जिससे करीब तीन दर्जन गांवों में अलर्ट जारी किया गया। किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गयी हैं तो कई रास्ते भी बंद हो गए हैं। मुरैना जिले में कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सभी नदी नाले उफान पर आ गए हैं। कई जगहों से संपर्क कट गया है।
बताया गया की सबसे बड़ा पगारा डैम आधी रात को लबालब हो गया। जलस्तर 652 फीट पर पहुंचते ही डैम के सभी छह ऑटोमैटिक गेट एक-एक कर खुल गए। डैम से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी आसन नदी में छोड़ा गया। जिससे आसन और उससे जुड़ी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आसन नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे 32 गांवों में अलर्ट जारी किया। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
घुरैया बसई गांव में कुरई नदी का पानी खेतों में भर गया। कई किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। नदी के उफान के कारण गांव का रपटा भी पानी में डूब गया। जिससे लोग जोखिम उठाकर आवागमन करते रहे। सूचना मिलने पर सुमावली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कराया। वहीं क्वारी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। बागचीनी, पलपुरा और बिसंगपुर गांव की पुलिया और रपटे पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर रपटों के ऊपर पांच से सात फीट तक पानी बह रहा है। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
रामपुर क्षेत्र में जालौनी पुल तक नदी का पानी पहुंच गया था। पानी पुल से करीब दो फ़ीट नीचे बह रहा था।
कैलारस क्षेत्र में भी बारिश का असर दिखाई दिया। पुलिस थाने से लेकर तहसील, जनपद कार्यालय समेत कई सरकारी परिसरों में पानी भर गया। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी भर गया। घरों का अनाज मवेशियों का चारा भी भीग गया।
हालांकि बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है लोगों से नदी-नालों और डूबे हुए रपटों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
------मुरैना से योगेश पाराशर सागर टीवी न्यूज़।------