सागर- बंडा शराब कांड पर बड़ा एक्शन, आबकारी आयुक्त बोले अधिकारियों की मिलीभगत की जांच | SAGAR TV NEWS
सागर जिले के बंडा में कथित जहरीली और अवैध शराब से हुई मौतों के बाद अब सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना सागर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। आयुक्त ने कहा कि मामले में आबकारी अधिकारियों की प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आई है और अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। वहीं संबंधित लाइसेंसी की भूमिका की भी प्राथमिकता से जांच के निर्देश दिए गए हैं। सागर पहुंचे आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने बंडा शराब कांड को बेहद दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सागर जिले में नकली शराब के सेवन से हुई जनहानि गंभीर मामला है। मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।
उपायुक्त आबकारी को मुख्यालय अटैच करने के साथ ही तीन अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बंडा तहसील के गूगरा खुर्द, नौराज और पाटन समेत आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई है। अब तक 12 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, हालांकि कलेक्टर की ओर से 10 मौतों की पुष्टि की गई है।
करीब 35 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने की बात भी सामने आई है। शनिवार देर रात तीन लोगों की मौत की जानकारी के बाद रविवार को भी मौतों का सिलसिला जारी रहने की खबर सामने आई। घटना के बाद आबकारी विभाग के साथ पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। आयुक्त ने संबंधित लाइसेंसी की भूमिका की प्राथमिकता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर लाइसेंसी के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित अवैध या नकली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ प्रभावित मरीजों के उपचार पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक तस्वीर और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।
बंडा शराब कांड के बाद अब कार्रवाई का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। अधिकारियों पर निलंबन और मुख्यालय अटैच की कार्रवाई के बाद अब संबंधित लाइसेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस त्रासदी के पीछे असली जिम्मेदार कौन हैं और जांच के बाद उन पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।