सागर शराब कांड में 12 मौ तें! 35 की हालत गंभीर, आबकारी-पुलिस पर बड़ी कार्रवाई | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले के बंडा में कथित जहरीली और अवैध शराब से मौतों का आंकड़ा लगातार चिंता बढ़ा रहा है। अब तक 12 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, हालांकि कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है। करीब 35 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने की बात भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी और पुलिस विभाग के कई अधिकारियों पर गाज गिरी है। सागर के बंडा तहसील के गूगरा खुर्द, नौराज और पाटन गांवों में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है। शनिवार देर रात तीन लोगों की मौत हुई, जिसके बाद रविवार को भी मौतों का सिलसिला जारी रहने की जानकारी सामने आई।
वहीं करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने की बात कही गई है। प्रभावित मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मामले के बाद राज्य शासन ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा गूगरा चौकी प्रभारी ASI पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा को भी निलंबित किया गया है। वहीं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर और आईजी के साथ कलेक्टर और एसपी भी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने नौराज और गूगरा खुर्द में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हालात की जानकारी ली। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
वहीं अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए क्षेत्र की छह शराब दुकानों को एहतियातन सील किया गया है। अधिकारियों ने दुकानों और शराब के नमूनों की तत्काल सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। पुलिस अवैध शराब की सप्लाई के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रभावित लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी।
मौतों के आंकड़े को लेकर प्रशासन और अन्य रिपोर्टों में अंतर सामने आ रहा है। ऐसे में पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह और आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। बंडा शराब कांड ने प्रशासन और आबकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती गंभीर मरीजों की जान बचाना और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है। जांच के साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का सिलसिला भी जारी है।