सागर- बंडा शराब कांड पर मंत्री गोविंद राजपूत सख्त, बोले दोषियों को बख्शेंगे नहीं | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले के बंडा में कथित जहरीली और अवैध शराब से हुई जनहानि के बाद सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस घटना को लेकर संवेदनशील हैं और इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, बंडा क्षेत्र में मौतों और गंभीर मरीजों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई जारी है। सागर जिले के बंडा तहसील के गूगरा खुर्द, नौराज और पाटन समेत आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। अब तक 12 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है।
करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने की बात भी सामने आई है। प्रभावित मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और प्रशासन लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद राज्य शासन ने आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गूगरा चौकी प्रभारी ASI पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा को भी निलंबित किया गया है। वहीं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर और आईजी के साथ कलेक्टर और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने नौराज और गूगरा खुर्द में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के तहत क्षेत्र की छह शराब दुकानों को एहतियातन सील किया गया है। अधिकारियों ने शराब के नमूनों की सैंपलिंग के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब शराब की सप्लाई के स्रोत और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
वहीं मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौतों के आंकड़ों को लेकर फिलहाल अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट होगा। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और कथित अवैध शराब के नेटवर्क तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है। बंडा की त्रासदी के बाद सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। अधिकारियों पर कार्रवाई और शराब दुकानों की सैंपलिंग के बाद अब निगाहें जांच पर हैं—क्योंकि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जहरीली शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।