Sagar- गढ़ाकोटा में शौर्य दिवस, 4 अमर सपूतों को नमन, 800 से ज्यादा मेधावी सम्मानित
सागर जिले के गढ़ाकोटा में शनिवार को शौर्य दिवस समारोह का आयोजन गरिमामय माहौल में किया गया। नगर भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक जनसंघर्ष को याद किया गया और संघर्ष के दौरान बलिदान देने वाले चार अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 800 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का सम्मान कर नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
गढ़ाकोटा के नगर भवन परिसर में आयोजित शौर्य दिवस समारोह में बलिदान और सम्मान की तस्वीर एक साथ नजर आई। कार्यक्रम में तहसील, शासकीय कॉलेज और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हुए ऐतिहासिक जनसंघर्ष में बलिदान देने वाले स्वर्गीय गुलाब यादव, स्वर्गीय अशोक चौधरी, स्वर्गीय रफीक खान और स्वर्गीय चेतराम कोरी को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री और विधायक गोपाल भार्गव रहे। उन्होंने अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 800 से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को सम्मान मिलने से उनके चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षकों को भी श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शौर्य दिवस समारोह में देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी माहौल को खास बना दिया। विद्यार्थियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों को मौजूद लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। एक ओर समारोह में गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक जनसंघर्ष और चार अमर सपूतों के बलिदान को याद किया गया, तो दूसरी ओर मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान कर शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
गढ़ाकोटा का शौर्य दिवस समारोह सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बलिदान की विरासत को नई पीढ़ी की प्रतिभा से जोड़ने का संदेश भी दिया। अमर सपूतों को नमन और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ समारोह ने शहर के इतिहास, शिक्षा और प्रेरणा—तीनों को एक मंच पर ला दिया।