Sagar - जिस शराब के पीने से 14 लोगों की मौत हुई उसमें क्या मिलाया गया डिप्टी सीएम ने कर दिया बड़ा खुलासा
सागर के बंडा क्षेत्र के गांवों में नकली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई, प्रशासन ने 11 मौत की पुष्टि की है, जबकि करीब 109 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
इस जहरीली शराब में मेथेनॉल की मिलावट की गई थी मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ल ने इस बात की पुष्टि की की मेंंथेनॉल मिलाने की वजह से शराब की जो पेटी 2200 रुपए की आती है उसकी कीमत मात्र 700 रुपए रह जाती है इसलिए ज्यादा मुनाफे के लालच में इस तरह की शराब को खरीद कर बेचा गया बाकी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है
बता दे कि मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में। शराब में मेथेनॉल की मिलावट" का मतलब है कि शराब में ऐसा जहरीला केमिकल पाया गया, जिसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है।
बता दें कि सागर जिले में अधिक पैसे कमाने की लालच में शराब ठेकेदार ढाबा संचालकों और गांव में अवैध शराब बेचने वाले माफियाओं के द्वारा जहरीली शराब की तस्करी कर दी गई जिसकी वजह से आधा दर्जन से अधिक गांव में लगभग 14 लोगों की मौत हो गई है 14 परिवार पूरी तरह से बिखर गए हैं 100 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती है पूरा प्रशासन इस क्षेत्र में तैनात है 18 से अधिक जगहों पर स्वास्थ्य कैंप लगे हुए हैं लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही