सागर में नकली शराब का कहर, 15 मौ तें; 109 अस्पताल में भर्ती और फिर!
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित नकली और जहरीली शराब ने बड़ा कहर बरपाया है। अलग-अलग गांवों में शराब पीने के बाद अब तक 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 109 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। शुरुआती जांच में शराब में जहरीले केमिकल मेथेनॉल की मिलावट पाए जाने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस ने 25 से ज्यादा नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
बंडा क्षेत्र में शराब पीने के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई परिवार अपने परिजनों को लेकर अस्पताल पहुंचे। हालात बिगड़ने के बाद सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज समेत जिला अस्पताल और बंडा सिविल अस्पताल में मरीजों को भर्ती कराया गया।
कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 मरीज आईसीयू में उपचाररत हैं। जिला अस्पताल में 17 और बंडा सिविल अस्पताल में 7 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। प्रशासन के मुताबिक अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
मामले की जांच के दौरान शराब के कथित नेटवर्क की परतें भी खुल रही हैं। बंडा थाने में दर्ज एफआईआर में फरियादी अनूप सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि उसके गांव में कई लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं।
एफआईआर के मुताबिक 4 सितंबर को अनूप का भतीजा राजेंद्र लोधी एक दुकान से देशी शराब खरीदकर पीने के बाद घर लौटा। रात में उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अन्य मौतों और शराब सेवन के बीच संबंध की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत कई लोगों को मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक बंडा और विनायका थानों में 25 से ज्यादा नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर शराब के नेटवर्क और सप्लाई चेन के बारे में पूछताछ की जा रही है।
वहीं कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव से आसपास के इलाकों में अवैध शराब की सप्लाई होती थी। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाए जाने की जानकारी सामने आई है। मेथेनॉल एक जहरीला अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। इसकी मिलावट वाली शराब का सेवन बेहद गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकता है।
एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे इलाके को हिला दिया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—जहरीली शराब का असली स्रोत क्या था, इसे किसने तैयार किया और गांव-गांव तक इसका नेटवर्क कैसे पहुंचा? जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।