Sagar- बंडा जहरीली शराब कांड पर सियासत गरम, जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली अवैध शराब कांड के बाद अब सियासी पारा भी चढ़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को पीड़ित परिवारों से मिलने बमूरा भेड़ा पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। इस दौरान पटवारी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। बंडा के बमूरा भेड़ा गांव में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मुहासा, पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पटवारी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना जताई और इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने सरकार को निशाने पर लिया। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क लगातार फैल रहा है और सरकार इसे रोकने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने बंडा की घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए उसे बेहद कठोर शब्दों में घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और सरकार इसे रोकने के बजाय इसे बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मृतकों के परिजनों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी परिवार ने अपने परिजन को खोया है, ऐसे में कुछ लाख रुपये की सहायता से उस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।
पटवारी ने अवैध शराब की बिक्री और इसके पीछे कथित राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि उनके इन आरोपों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। बंडा में जहरीली शराब कांड के बाद जहां प्रशासन और पुलिस कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कदम उठाने की मांग की है।
बंडा की घटना ने अब सियासी रंग भी ले लिया है। एक तरफ पुलिस जांच और कार्रवाई जारी है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठा रही है। अब देखना होगा कि पटवारी के आरोपों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और जांच में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर क्या सामने आता है।