सागर- जहरीली शराब कांड के बीच बंडा के बमूरा भेड़ा पहुंचे डिप्टी CM, पीड़ित परिवारों से मिले
सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली अवैध शराब से हुई मौतों के बाद शासन स्तर पर भी निगरानी और कार्रवाई तेज हो गई है। इसी सिलसिले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सोमवार को बंडा क्षेत्र के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज और गूगराखुर्द पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, परिजनों की पीड़ा सुनी और इस दुख की घड़ी में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। जहरीली शराब हादसे के बाद बंडा पहुंचे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सबसे पहले प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्होंने संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।
डिप्टी सीएम ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने मामले में अब तक हुई प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की स्थिति की जानकारी भी ली। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार और भाजपा जिलाध्यक्ष रानी कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद रहे। विधायक ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उधर, जहरीली अवैध शराब कांड को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में कई लोगों की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डिप्टी सीएम के मुताबिक अब तक 30 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा चुका है, जबकि 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं कार्रवाई के तहत 6 शराब दुकानों को सील कर वहां से शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें शराब के कथित निर्माण और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार पुलिस और आबकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर शराब का सेवन करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं, ताकि समय रहते प्रभावित लोगों की पहचान कर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। बंडा क्षेत्र में अब तक 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि दो दर्जन से ज्यादा मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में भर्ती बताए जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम के दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने हादसे से जुड़े घटनाक्रम, स्वास्थ्य व्यवस्था और अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। सरकार का फोकस फिलहाल प्रभावितों के उपचार के साथ-साथ अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर है। बंडा में जहरीली शराब से हुए हादसे के बाद अब सरकार सीधे प्रभावित गांवों तक पहुंच रही है। पीड़ित परिवारों को संवेदना और मदद का भरोसा देने के साथ जांच और कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में शराब के नेटवर्क की अगली कड़ी तक पुलिस कब पहुंचती है।