वृद्धाश्रम में IMA सागर की पहल: बुजुर्गों को बताए स्वस्थ रहने के गुर, BP-शुगर और गिरने से बचाव पर जोर
डॉक्टर बोले- उम्र बढ़ना बीमारी का पर्याय नहीं; नियमित जांच, संतुलित खान-पान और सक्रिय जीवनशैली से बुजुर्ग रह सकते हैं स्वस्थ
सागर, 7 सितंबर। वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर ने भारतीय रेडक्रॉस द्वारा संचालित शासकीय वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बुजुर्गों को बढ़ती उम्र में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, उनके बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े जरूरी सुझाव सरल भाषा में दिए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए IMA सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि उम्र बढ़ना बीमारी का पर्याय नहीं है। सही खान-पान, नियमित स्वास्थ्य जांच, शारीरिक सक्रियता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर वरिष्ठ नागरिक लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं।
BP और शुगर की नियमित जांच जरूरी
डॉ. साद ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों की समस्या, आंखों और सुनने से जुड़ी परेशानियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में इन समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है।
उन्होंने विशेष रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की नियमित जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के बने रह सकते हैं। इनका समय पर नियंत्रण हृदय, मस्तिष्क, आंखों और किडनी से जुड़ी गंभीर जटिलताओं के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
बुजुर्गों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेने और अपनी मर्जी से दवा बंद नहीं करने की सलाह भी दी गई।
छोटी सावधानी से टल सकता है गिरने का खतरा
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के गिरने से होने वाली चोटों की रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया गया। डॉ. साद ने कहा कि वृद्धावस्था में गिरने से गंभीर चोट लग सकती है और कई बार लंबे समय तक परेशानी बनी रहती है।
उन्होंने बुजुर्गों को सलाह दी कि घर में फर्श सूखा और साफ रखें, रास्ते में सामान न रखें, बाथरूम में फिसलन रोकने की व्यवस्था करें और रात के समय पर्याप्त रोशनी रखें। जरूरत पड़ने पर चलने के लिए सहायक उपकरण या परिवार के सदस्यों की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
सक्रिय जीवन ही स्वस्थ वृद्धावस्था की कुंजी
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि संतुलित भोजन, क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच स्वस्थ वृद्धावस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसके साथ परिवार और समाज से जुड़ाव भी बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मक भूमिका निभाता है।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
बुजुर्गों ने साझा की अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा कीं। डॉक्टरों ने उनकी बात सुनकर आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया। बुजुर्गों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पिरामल स्वास्थ्य से आयुषी शुक्ला और स्थानीय नागरिकों का उल्लेखनीय सहयोग एवं सहभागिता रही।
IMA सागर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। संस्था की ओर से भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।