Sagar -नकली शराब मामले में सरकार की एक और बड़ी कार्रवाई SDM और SDOP को हटाया, गांव में हो रही मुनादी
सागर जिले में जहरीली शराब पीने की वजह से लगभग दो दर्जन लोगों की मौत हो गई है लेकिन प्रशासन ने 13 मौत होने की पुष्टि की है दो दिन से इस घटना को लेकर हड़कंप मचा हुआ है सरकार ने अब इस मामले में एसडीएम और एसडीओपी को भी हटा दिया है इसके पहले थाना प्रभारी और आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर भोपाल मुख्यालय अटैच किया गया है तो एसडीएम आरती यादव के लिए सागर अटैच किया गया है
बता दें कि सागर जिले में जहरीली शराब पीने की वजह से हो रही मौतें सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह वह परिवार है जो गरीब और मजदूरी पर ही निर्भर रहते थे इन घटनाओं में किसी का पिता छिन गया तो किसी की गोद सूनी हो गई किसी महिला के माथे का सिंदूर पुछ गया तो कई मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं लेकिन इन सब में प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है क्योंकि जहरीली शराब न सिर्फ बनाई गई, बल्कि उन ढाबों तक, गांव तक और ठेके तक इसको भेजा गया, वहां से बेचा गया लोग इस शराब को खरीदते रहे पीते रहे और मरते रहे लेकिन निगरानी करने वाले पुलिस और आबकारी विभाग सोता रहा.
अब बंडा इलाके के लगभग 20 से 25 गांव में हाहाकार मचा हुआ है डेढ़ सौ से ज्यादा लोग इसकी वजह से प्रभावित हुए हैं गांव-गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाए गए हैं लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है मुनादी पिटवाई जा रही है अगर किसी ने शराब पी हो और उसको स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी आ रही तो अपना इलाज जरूर करवाये