बाबा की शाही सवारी में दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब,सर्वधर्म एकता के रंग में रंगे लोग,हिंदू-मुस्लिम साथ-साथ
बाबा महाकाल की शाही सवारी में गंगा जमुनी तहज़ीब देखने को मिली। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों ने अनूठी मिसाल पेश की सर्वधर्म एकता के रंग में रंगे हुए लोगों ने महाप्रसादी का आयोजन किया था। जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के चालकों ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। ये नज़ारा महाकाल नगरी उज्जैन का है। जहां बाबा महाकाल की शाही सवारी के दौरान शहर की सड़कों पर गजब का उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
इस मौके पर असंगठित ई-रिक्शा चालक-परिचालक संघ द्वारा इंदौर गेट चौराहे पर एक भव्य महाप्रसादी और महाआरती का आयोजन किया गया था। जिसने शहर में साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत और अनूठी मिसाल पेश की। आयोजन में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के चालकों ने हिस्सा लिया और यह साबित किया की सेवा और भक्ति किसी बंधन की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और संघ के जिला अध्यक्ष बल्लू सिंह ठाकुर ने बताया की पिछले कई सालों से ई-रिक्शा परिवार द्वारा महाकाल की सवारी के दिन यह परंपरा पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। इस बार के आयोजन में लगभग पंद्रह क्विंटल फलाहारी खिचड़ी की महाप्रसादी तैयार की गई थी। जिसे महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालुओं में श्रद्धा के साथ वितरित किया गया।
इस दौरान शहर के तमाम ई-रिक्शा चालकों ने बढ़-चढ़कर अपनी सेवाएं दीं। इस आयोजन की गरिमा बढ़ाने भारतीय मजदूर संघ के गिरराज और जिला अध्यक्ष मनीष कारपेंटर समेत कई प्रमुख अतिथि विशेष रूप से पहुंचे। बताया गया की पिछले तीन सालों से लगातार इस तरह का भंडारा और महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें शहर के सभी ई-रिक्शा चालकों और शोरूम संचालकों का पूरा सहयोग रहता है। बाबा की सवारी ने तो रौनक बढ़ाई ही साथ ही उज्जैन की गंगा-जमुनी तहजीब को एक बार फिर से जीवंत कर दिया।