ऑनलाइन जॉब का झांसा, 5.87 लाख की ठगी; राजस्थान से साइबर गिरोह पकड़ा | SAGAR TV NEWS |
पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर युवाओं से साइबर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के दौसा जिले से एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को पकड़ा है। आरोप है कि इंस्टाग्राम पर घर बैठे हजारों रुपए कमाने का विज्ञापन दिखाकर एक छात्रा को जाल में फंसाया गया और रजिस्ट्रेशन से लेकर बैंक वेरिफिकेशन तक अलग-अलग बहानों से करीब 5 लाख 87 हजार रुपए ठग लिए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपए नकद और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामला एमपी के सागर संभाग के पन्ना जिले के परषोत्तमपुर का है। पुलिस के मुताबिक 19 वर्षीय छात्रा शशि कुशवाहा को इंस्टाग्राम पर ‘विश्वाबुक पब्लिकेशन’ में कंटेंट राइटिंग और बुक राइटिंग का काम करने का विज्ञापन दिखाई दिया।
विज्ञापन में घर बैठे हर महीने हजारों रुपए कमाने का लालच दिया गया था। छात्रा ने जब विज्ञापन के जरिए संपर्क किया तो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। इसके बाद शुरू हुआ ठगी का खेल। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन, डिलीवरी, सिक्योरिटी और बैंक वेरिफिकेशन समेत अलग-अलग कारण बताकर छात्रा से पैसे जमा कराने शुरू किए। आरोपियों की ओर से छात्रा को अलग-अलग QR कोड भेजे गए और UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस के मुताबिक छात्रा ने आरोपियों के झांसे में आकर कुल 5 लाख 87 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
जब लगातार पैसों की मांग होने लगी और नौकरी के नाम पर कोई काम नहीं मिला, तो छात्रा को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पन्ना साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम को साइबर ठगी के तार राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान पहुंचकर दबिश दी और एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों में दिलखुश, हेमराज, संतोष और अजय कुमार मीना के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 82 हजार रुपए नकद, दो आईफोन और दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेंसिल पैकिंग, कंटेंट राइटिंग और ऑनलाइन राइटिंग जॉब के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। युवाओं को घर बैठे आसानी से कमाई का सपना दिखाकर पहले संपर्क किया जाता और फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे। फिलहाल पन्ना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का अगला फोकस इस बात पर है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।