सागर शराब कांड पर गुलाबी गैंग का हल्लाबोल, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रही गुलाबी गैंग की कमांडर पूर्णिमा वर्मा सागर पहुंचीं और प्रभावित ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शराब कांड को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्णिमा वर्मा ने आरोप लगाया कि अवैध और जहरीली शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। गुलाबी गैंग कमांडर पूर्णिमा वर्मा ने सागर के छापरी, बमूरा भेड़ा और आसपास के गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
पूर्णिमा वर्मा का दावा है कि ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्हें करीब 35 मौतों की जानकारी मिली है। हालांकि, यह आंकड़ा आधिकारिक प्रशासनिक आंकड़ों से अलग है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सागर की घटना ने अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलाबी गैंग कमांडर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सागर पुलिस प्रशासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने एसपी अनुराग सुजानिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की।
पूर्णिमा वर्मा ने आरोप लगाया कि जब अनुराग सुजानिया मुरैना में पदस्थ थे, तब भी जहरीली शराब से मौत का मामला सामने आया था और अब सागर में भी ऐसी घटना हुई है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इतनी बड़ी मात्रा में कथित जहरीली शराब गांवों तक कैसे पहुंची और निगरानी तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। पूर्णिमा वर्मा ने सरकार पर शराब से राजस्व कमाने और अवैध शराब के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने घटना की जिम्मेदारी तय करने, शराब माफिया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की और कहा कि जिम्मेदार लोगों पर हत्या की धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। गुलाबी गैंग कमांडर ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सागर के गांव-गांव में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। पूर्णिमा वर्मा ने दावा किया कि गुलाबी गैंग दोबारा सागर लौटेगी और पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करेगी।
सागर शराब कांड पर अब राजनीतिक और सामाजिक विरोध भी तेज होता नजर आ रहा है। गुलाबी गैंग के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध शराब का नेटवर्क आखिर कहां तक फैला था और इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर किसकी जिम्मेदारी तय होती है। अब निगाहें जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर हैं।