Sagar- बंडा शराबकांड पर संगठन का बड़ा ज्ञापन, CBI जांच की मांग
सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर अब सामाजिक संगठन भी मैदान में उतर आए हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन, शाखा सागर ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन और शोक स्मरण पत्र सौंपा। संगठन ने मामले की सीबीआई जांच कराने, मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का दावा है कि बंडा विधानसभा क्षेत्र में लाइसेंसी दुकानों से गांव-गांव पहुंची कथित अवैध शराब के सेवन से अब तक 30 से 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि मौतों और मरीजों की संख्या को लेकर संगठन ने अपने आंकड़े ज्ञापन में रखे हैं। संगठन ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 5 सितंबर को आबकारी विभाग ने बिना फोरेंसिक जांच के संबंधित शराब को पीने योग्य बताया था। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक 7 सितंबर को सानौधा थाना क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने एक पेटी कथित जहरीली शराब पकड़वाकर आबकारी विभाग को सूचना दी थी। संगठन का दावा है कि यह शराब नौराज गांव से बरामद हुई, जहां चार मौतें होने की बात कही गई है।
संगठन ने सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और पूर्व के एक शराब हादसे का हवाला देते हुए जांच की मांग की है। ज्ञापन में संगठन ने सागर कलेक्टर और एसपी को हटाने, निलंबित पुलिस और आबकारी अधिकारियों को बर्खास्त करने तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा संगठन ने मृतक परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा, परिजनों का एक साल तक निःशुल्क इलाज, जिले की लाइसेंसी शराब दुकानों को स्थायी रूप से बंद करने और सीबीआई जांच की मांग की है। संगठन ने पांच आईएएस अधिकारियों और पांच समाजसेवियों की टीम से भी जांच कराने की मांग रखी है। भगवती मानव कल्याण संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित परिवारों और आम लोगों के साथ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस ज्ञापन और संगठन की मांगों पर क्या कदम उठाती है।