सागर- अंतिम यात्रा का सफर बनता है चुनौती, कीचड़ भरे रास्ते से जोखिम उठाकर जाते हैं लोग,दयनीय स्थिति
कीचड़ भरा रास्ता तो जैसे-तैसे पार हो गया। लेकिन कहीं अगर पानी बरसता या नदी पर उफान पर होती तो चिंता ये थी की अंतिम संस्कार कैसे हो पाता। क्योंकि सागर जिले के बीना के मुड़िया नायक गांव में लोगों को मुक्तिधाम तक पहुंचना किसी मुसीबत या चुनौती से कम नहीं होता है। जैसा की तस्वीरों में भी देखा जा सकता है की लोग अर्थी लेकर कीचड़ और पानी में से होकर निकल रहे हैं। क्योंकि इसके अलावा दूसरा रास्ता भी नहीं है। लोगों की मजबूरी है की ऐसे समय में कुछ इस तरह से गुजरना पड़ता है। बारिश में कच्ची सड़क की हालत और खराब हो जाती है।
बताया गया की बीना के मुड़िया नायक गांव में एक महिला के निधन के बाद परिजनों और ग्रामीणों को बारिश के बीच कीचड़ और पानी से होकर करीब 300 मीटर का रास्ता तय करना पड़ा। गांव की मुख्य सड़क से मुक्तिधाम की दूरी कम है। लेकिन रास्ता कच्चा होने से बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं। साफ देखा जा सकता है कि अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीण कीचड़ और पानी से होकर मुक्तिधाम तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक सामान्य दिनों में भी यह रास्ता परेशानी भरा रहता है। जबकि बारिश में पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीण लंबे समय से रास्ता पक्का कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं सरपंच कैलाश सिंह ठाकुर से मिली जानकारी के हिसाब से मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार और पक्के मार्ग का प्रस्ताव पंचायत से पारित हो चुका है। जल्द ही निर्माण कराया जाएगा।