शराब दुकान पर महिलाओं का हंगामा, बोतलें बाहर फेंककर लगाई आग | SAGAR TV NEWS |
सागर के बंडा में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश के कई इलाकों में शराब को लेकर विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। एमपी के शिवपुरी के सिरसौद गांव में भी महिलाओं का शराब के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं शराब दुकान पर पहुंचीं और दुकान से शराब की पेटियां और बोतलें बाहर निकालकर फेंक दीं। इतना ही नहीं, कुछ शराब की बोतलों को आग के हवाले भी कर दिया गया। महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मामला शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरसौद का है। बताया जा रहा है कि इलाके की महिलाएं लंबे समय से शराबबंदी की मांग कर रही हैं। पिछोर विधानसभा के कई गांवों में शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं द्वारा प्रदर्शन किए जाने की बात सामने आती रही है। सागर में हुई घटना के बाद सिरसौद और नया अमोला क्षेत्र में भी शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध और तेज हो गया।
मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर गांव की शराब दुकान पर पहुंचीं। महिलाओं ने दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए शराबबंदी की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने शराब की पेटियां और क्वार्टर दुकान से बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिए। प्रदर्शन के दौरान कुछ शराब की बोतलों में आग लगाए जाने का वीडियो भी सामने आया है। महिलाओं का कहना है कि शराब की वजह से परिवारों पर बुरा असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि शराब की बिक्री के कारण गांव में घरेलू विवाद और सामाजिक परेशानियां बढ़ रही हैं। महिलाओं ने साफ किया कि वे गांव में शराब की बिक्री नहीं होने देना चाहतीं और इसके खिलाफ उनका विरोध आगे भी जारी रह सकता है।
महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। कुछ देर तक मौके पर तनाव और भीड़ की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई। फिलहाल महिलाओं के इस प्रदर्शन के बाद गांव में शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सागर शराबकांड के बाद शराब के खिलाफ विरोध की तस्वीरें अब शिवपुरी से भी सामने आई हैं। सिरसौद में महिलाओं ने शराब दुकान के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और शराब की बोतलें बाहर फेंककर विरोध जताया। अब देखना होगा कि प्रशासन महिलाओं की शराबबंदी की मांग पर क्या कदम उठाता है।