Sagar-भगवानगंज में IMA-एकता समिति का मेगा हेल्थ कैंप: 112 मरीजों की मुफ्त जांच, फिजियोथेरेपी से जुड़े बताए फायदे
सागर -भगवानगंज में IMA-एकता समिति का मेगा हेल्थ कैंप: 112 मरीजों की मुफ्त जांच, फिजियोथेरेपी से जुड़े बताए फायदे
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर लगा नि:शुल्क शिविर; विशेषज्ञों ने कहा- फिजियोथेरेपी सिर्फ दर्द कम करने तक सीमित नहीं, मरीज को आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार
सागर, 10 सितंबर। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर और एकता समिति के संयुक्त तत्वावधान में भगवानगंज में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 112 मरीजों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों की जरूरत के अनुसार उन्हें फिजियोथेरेपी संबंधी परामर्श और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ फिजियोथेरेपी के बढ़ते महत्व के प्रति आम लोगों को जागरूक करना रहा।
फिजियोथेरेपी का दायरा काफी व्यापक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं IMA सागर अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि आमतौर पर फिजियोथेरेपी को हड्डी, जोड़ों, कमर दर्द या चोट के बाद होने वाले पुनर्वास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसका उपयोग इससे कहीं अधिक व्यापक है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों, गंभीर बीमारी से उबर रहे लोगों और ICU से उपचार के बाद घर लौटे मरीजों के पुनर्वास में भी फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
लंबे इलाज के बाद कमजोरी में भी उपयोगी
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण सराफ ने बताया कि लंबे समय तक बीमारी या अस्पताल में भर्ती रहने के कारण मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी, शारीरिक क्षमता में कमी और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। कई बार रोजमर्रा के सामान्य काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
ऐसे मरीजों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी और पुनर्वास कार्यक्रम शारीरिक कार्यक्षमता को दोबारा बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं। श्वसन संबंधी बीमारियों में उचित श्वसन व्यायाम और फिजियोथेरेपी से शारीरिक सहनशक्ति तथा दैनिक गतिविधियों की क्षमता में सुधार लाने में भी मदद मिल सकती है।
सिर्फ दर्द कम करना नहीं, आत्मनिर्भर बनाना भी उद्देश्य
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निखिल सैनी ने कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल दर्द कम करना नहीं है, बल्कि मरीज को अधिक सक्रिय, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है।
वहीं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अपेक्षा तिवारी ने लोगों से अपील की कि लंबे समय से बने रहने वाले दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, चलने-फिरने में परेशानी या गंभीर बीमारी के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर व्यवस्थित पुनर्वास सेवाएं लेना जरूरी है।
एकता समिति के सामाजिक कार्यों की सराहना
IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने एकता समिति की ओर से लगातार किए जा रहे सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समिति सीमित सहयोग राशि में जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस तरह के प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण और फिजियोथेरेपी सुविधा लेने वाले मरीजों में उत्साह देखा गया। नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मिलने पर मरीजों और उनके परिजनों ने आयोजन के लिए आयोजकों का आभार जताया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता रशीद भाई ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. ओ.पी. जैन, डॉ. निखिल सैनी और डॉ. अपेक्षा तिवारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुधीर जैन सहित कमलचंद जैन, शरद गुप्ता, चंपक भाई जैन, राजेंद्र मलैया, प्रदीप समैया, शरदकांत सोनी, सुरेंद्र पंचरत्न, अरुण जैन, विनीत जैन, शिवकुमार अग्रवाल, प्रमोद पटेल, राजेंद्र सोनी, श्रीमती अनीता जैन, वर्षा जैन और फिजियोथेरेपी स्टाफ मौजूद रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप समैया ने किया, जबकि आभार सुधीर जैन और शरद गुप्ता ने व्यक्त किया।