Sagar- अतिवृष्टि से बर्बाद फसलें, मुआवजे के लिए तहसील पहुंचे किसान
बीते दिनों हुई लगातार तेज बारिश अपने पीछे बर्बादी के निशान छोड़ गई है। कहीं मकान धराशायी हुए तो कहीं खेतों में खड़ी फसलें पानी और तेज हवाओं की भेंट चढ़ गईं। सागर जिले के राहतगढ़ इलाके में भी अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल बर्बाद होने से परेशान करीब आठ गांवों के किसान गुरुवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा और फसल बीमा की राशि दिलाने की मांग की।
राहतगढ़ क्षेत्र के लखनपुर, मोहासा, मेनवारा खुर्द, मर्दानपुर, पचवासा, ततारपुर, खिरिया, पड़ा रसोई और धनोरा सहित आसपास के गांवों के किसान बारिश से हुए नुकसान को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे। किसानों ने प्रशासन को बताया कि 8 सितंबर को तेज आंधी-तूफान के साथ हुई भारी बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।
किसानों के मुताबिक, खेतों में लगी मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलें बारिश और तेज हवाओं के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई जगह फसलें खेतों में गिर गईं, तो कई खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि पूरी मेहनत और लागत लगाने के बाद अब फसल बर्बाद होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी परेशानी को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि प्रभावित गांवों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही पात्र किसानों को फसल बीमा योजना की राशि भी जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसानों का कहना है कि बारिश के कारण हुए नुकसान के बाद अब उन्हें प्रशासन से राहत की उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि समय पर सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो खेती की अगली तैयारी करना भी मुश्किल हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से मौके पर टीम भेजकर खेतों का निरीक्षण कराने की मांग की है। अतिवृष्टि ने राहतगढ़ क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब किसान अपनी बर्बाद फसलों के मुआवजे और बीमा राशि के लिए प्रशासन की ओर देख रहे हैं। देखना होगा कि किसानों की इस मांग पर प्रशासन कितनी जल्दी सर्वे और राहत की प्रक्रिया शुरू करता है।