सागर शराब मामले में AAP का 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा बंडा
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अब सियासत भी तेज हो गई है। दिल्ली से आम आदमी पार्टी का 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सागर पहुंचा और शराब त्रासदी से प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए सरकार से सीबीआई जांच और प्रत्येक मृतक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बंडा विधानसभा क्षेत्र के छापरी, गुगरा खुर्द, नौराज, बराज और बमुरा गांवों का दौरा किया। नेताओं ने जहरीली शराब त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान मृतकों के बच्चों, माताओं और पत्नियों से भी बातचीत कर पार्टी की ओर से संवेदनाएं व्यक्त की गईं।
AAP के प्रदेश प्रभारी और दिल्ली सरकार के पूर्व गृह मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में लगातार जहरीली शराब की घटनाएं शासन-प्रशासन की नाकामी और भ्रष्टाचार का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि सागर में शराब माफिया सक्रिय है और शहर से लेकर गांवों तक अवैध शराब आसानी से उपलब्ध होने का आरोप लगाया।
जितेंद्र सिंह तोमर ने बंडा और आसपास के गांवों में जहरीली शराब से करीब 50 से 60 लोगों की मौत का दावा करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की। हालांकि मौतों का यह आंकड़ा आम आदमी पार्टी द्वारा बताया गया है। पार्टी ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और परिवारों को उचित न्याय दिलाने की मांग की है।
AAP नेताओं ने अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ बेहद सख्त सजा की मांग भी उठाई। पार्टी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी आगे आंदोलन करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में कमल गुप्ता, जितेंद्र चौरसिया, एडवोकेट रामकिशोर शिवहरे, वी.एस. राजपूत, विक्रम लोधी, अनुराग यादव और शैली छाबड़ा सहित पार्टी के सागर जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
सागर शराबकांड को लेकर अब राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। AAP के प्रतिनिधिमंडल ने गांवों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सरकार के सामने सीबीआई जांच, 50 लाख रुपये मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी है।