सागर- बंडा शराब त्रासदी पर महिला कांग्रेस का हल्लाबोल!, राज्यपाल के नाम 8 मांगों का ज्ञापन
सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली और अवैध शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर सियासत लगातार गरमा रही है। गुरुवार को जिला महिला कांग्रेस सागर ग्रामीण ने प्रदेश की राज्यपाल के नाम कलेक्टर को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिला महिला कांग्रेस ग्रामीण की अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में शराब त्रासदी की निष्पक्ष जांच से लेकर प्रभावित परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सहायता की मांग की गई है। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा के निर्देश पर महिला कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि अवैध शराब और बढ़ता नशा सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर महिलाओं, बच्चों और परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने मांग की कि मृतकों और प्रभावित मरीजों के वास्तविक आंकड़ों का सत्यापन कर अधिकृत आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं और शराब के नमूनों की वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक जांच कराई जाए।
महिला कांग्रेस ने मांग रखी कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक जांच पहुंचाई जाए। इसके साथ ही शराब और नशे से प्रभावित महिलाओं के लिए गोपनीय शिकायत और त्वरित सहायता व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन में गांव-गांव नशामुक्ति अभियान में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, संवेदनशील गांवों में महिला नशामुक्ति समितियां बनाने और प्रभावित परिवारों की महिलाओं एवं बच्चों का विशेष सर्वे कराने की मांग भी शामिल है। महिला कांग्रेस ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के लिए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
इसके अलावा महिलाओं के लिए नशामुक्ति और कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा नशे के खिलाफ अभियान में महिलाओं को नेतृत्व देने की मांग की गई। महिला कांग्रेस ने कहा कि बंडा-शाहगढ़ की घटना से सबक लेते हुए पूरे सागर जिले में अवैध शराब और नशे के खिलाफ स्थायी अभियान चलाया जाना चाहिए। समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई। बंडा शराब त्रासदी को लेकर महिला कांग्रेस ने अब सरकार और प्रशासन के सामने 8 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर अब सभी की नजर रहेगी।