तस्करी के शक में कंटेनर का पीछा, सील खुली तो निकले कूरियर पार्सल और फिर!
एमपी के दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम गोवंश तस्करी की आशंका को लेकर करीब दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। डबरा से एक संदिग्ध कंटेनर का गोसेवकों ने पीछा किया और दतिया सीमा में पहुंचते ही उसे रोक लिया। कंटेनर बंद था और उस पर लगी सील और लॉक देखकर गोसेवकों ने अंदर गोवंश होने की आशंका जताई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
लेकिन जब कंटेनर की सील खोली गई तो अंदर का नजारा कुछ और ही निकला। मिली जानकारी के मुताबिक कुछ गोसेवकों ने डबरा क्षेत्र में एक कंटेनर को संदिग्ध हालत में देखा। उन्हें आशंका हुई कि कंटेनर के जरिए गोवंश की तस्करी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने अपनी गाड़ियों से कंटेनर का पीछा शुरू कर दिया। कंटेनर जैसे ही दतिया जिले की सीमा में पहुंचा, गोराघाट थाना क्षेत्र में गोसेवकों ने उसे रोक लिया।
कंटेनर रुकते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर गोराघाट थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कंटेनर को अपनी निगरानी में थाने के सामने ले आई। गोसेवक लगातार कंटेनर की सील और लॉक खोलकर अंदर की जांच कराने की मांग करते रहे। वहीं कंटेनर के चालक और मालिक ने वाहन रोके जाने पर नाराजगी जताई और समय पर माल नहीं पहुंचने से आर्थिक नुकसान होने की बात कही। लगातार बढ़ते तनाव के बीच शाम करीब सात बजे कंटेनर के मालिक को मौके पर बुलाया गया। पुलिस बल और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में कंटेनर की सील और ताले खुलवाए गए। जैसे ही दरवाजे खुले, गोवंश तस्करी की आशंका गलत साबित हुई। कंटेनर के अंदर एक के ऊपर एक रखे हुए बड़ी संख्या में कूरियर पार्सल मिले।
पुलिस ने कंटेनर में रखे पार्सलों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में मामला स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने कंटेनर को आगे जाने की अनुमति दे दी। इस पूरी घटना के दौरान हाईवे और थाने के सामने करीब दो घंटे तक तनाव और भीड़ की स्थिति बनी रही। फिलहाल गोवंश तस्करी की आशंका महज अफवाह साबित हुई और कंटेनर में कूरियर का सामान पाया गया। एक शक ने डबरा से दतिया तक कंटेनर का पीछा करवाया और करीब दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। लेकिन सील खुलते ही पूरी कहानी बदल गई—कंटेनर में गोवंश नहीं, बल्कि कूरियर के पार्सल निकले।