पॉलीथिन फैक्ट्री पर निगम का छापा, 6.80 क्विंटल माल जब्त और फिर!
एमपी के बुरहानपुर में प्रतिबंधित और अमानक पॉलीथिन के निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। आलमगंज क्षेत्र स्थित योगेश फैब्रिकेशन के कारखाने पर निगम की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 6 क्विंटल 80 किलो पॉलीथिन और निर्माण सामग्री जब्त की है। निगम ने फैक्ट्री संचालक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हालांकि, कार्रवाई के बाद संचालक ने निगम के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यहां तैयार होने वाली सामग्री का इस्तेमाल औद्योगिक पैकेजिंग के लिए किया जाता है। जानकारी के मुताबिक नगर निगम को आलमगंज स्थित योगेश फैब्रिकेशन में अमानक पॉलीथिन के निर्माण की सूचना मिली थी। इसके बाद सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा के नेतृत्व में निगम की टीम कारखाने पर पहुंची और जांच की। निगम अधिकारियों के अनुसार, यहां प्लास्टिक के दानों से 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पन्नियां तैयार की जा रही थीं।
कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार पॉलीथिन के साथ उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की। अधिकारियों के मुताबिक कुल करीब 6 क्विंटल 80 किलो पॉलीथिन जब्त की गई है। नियमों के उल्लंघन के मामले में फैक्ट्री संचालक से 15 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा ने बताया कि नगर निगम की ओर से प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शहर में पॉलीथिन के निर्माण और उपयोग को रोकने के लिए कारोबारियों और आम लोगों से भी अपील की जा रही है। निगम का कहना है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके यहां तैयार होने वाली पन्नियों का इस्तेमाल बड़े कारखानों में कपड़े की गठानों की पैकिंग के लिए किया जाता है। संचालक ने अवैध निर्माण के आरोप से इनकार किया है। ऐसे में अब मामला इस बात की जांच पर टिका है कि कारखाने में तैयार की जा रही पन्नियां निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं और उनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। नगर निगम की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में पॉलीथिन जब्त होने के बाद अब मानकों को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। निगम इसे अमानक पॉलीथिन बता रहा है, जबकि फैक्ट्री संचालक इसे औद्योगिक पैकेजिंग की सामग्री बता रहे हैं। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।