नदी में नहाते समय रील का जूनून पड़ गया महंगा, बेटे को बचाने पहुंचे पिता भी नहीं बच सके
कई दफा एक छोटी सी लापरवाही घातक साबित हो जाती है। इसी तरह एक युवक नदी में रील बना रहा था। लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह पानी में डूबने लगा तो पिता भी उसे बचाने नदी में कूद गए बेटे को बचाने के दौरान उनकी भी जान चली गयी। दुखद घटना मुरैना जिले से सामने आया। जहां चंबल नदी में रील बनाने के दौरान 14 साल के किशोर की डूबने से जान चली गई। बेटे को बचाने गए पिता भी नहीं बच सके। गहरे पानी में जाने से दोनों ने दम तोड़ दिया। ये पूरी घटना कैलारस-झुंडपुरा क्षेत्र के करजौनी स्थित चंबल घाट की है। मृतकों की पहचान ग्वालियर के बिरला नगर निवासी देवेंद्र सिकरवार उम्र 45 साल और उनके 14 साल के बेटे वंशु सिकरवार के रूप में हुई। देवेंद्र जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर में बाबू के पद पर कार्यरत थे। पिता पुत्र की एक साथ जान जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
बताया गया की देवेंद्र सिकरवार अपनी पत्नी प्रीति और बेटे वंशु के साथ कार से बाबू बाबा की दौज पर पूजा करने करजौनी चंबल घाट पहुंचे थे। पूजा से पहले दोपहर करीब एक बजे पिता-पुत्र चंबल नदी में नहाने उतर गए। तभी वंशु नदी में कुछ अंदर जाकर मोबाइल से रील बना रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा। बेटे को डूबता देख पिता देवेंद्र उसे बचाने तुरंत नदी में कूद गए। काफी कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली जिससे दोनों ही पानी में समा गए।
घटना के बाद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गयी। इस दौरान चंबल घाट पर एसडीईआरएफ की टीम भी मौजूद थी। जवानों ने तत्काल बोट नदी में उतारी और पिता-पुत्र की तलाश शुरू की। सर्चिंग के दौरान बोट के संचालन से पानी में बने भंवर के बीच देवेंद्र की बॉडी पानी के ऊपर दिखाई दी। जवानों ने उन्हें बाहर निकालकर घाट लेकर गए। ग्रामीणों और उप निरीक्षक कपिल पाराशर ने काफी देर तक देवेंद्र को सीपीआर देने का प्रयास किया। लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। करीब एक घंटे की तलाश के बाद टीम और गोताखोरों ने बेटे की बॉडी भी बरामद की।
चिन्नौनी पुलिस ने दोनों डेड बॉडी का पोस्टमार्टम कराया। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।