इस टाइगर रिजर्व में थी दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी,उसकी यादों को संजोया, करीब से जान सकेंगे इतिहास
बुंदेलखंड में एक ऐसी हथिनी थी जो देश दुनिया में जानी जाती थी। उसका ऐतिहासिक महत्व भी माना जाता है। जिसकी एक वजह ये भी है की वह सबसे बुजुर्ग हथिनी थी। अब पन्ना टाइगर रिज़र्व में उसकी यादों को संजोया गया है। गणेश उत्सव पर विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। जिससे अब पर्यटक उससे जुड़े इतिहास और पन्ना से उसके जुड़ाव को जान सकेंगे।
अकोला बफर गेट पर अब पर्यटक विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला की प्रतिमा का दीदार कर सकेंगे। सीमेंट कंपनी द्वारा लाखों रुपये की लागत से तैयार कराई गई इस प्रतिमा का अनावरण मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की यह देश और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। पन्ना में कभी दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला का होना अपने आप में अद्भुत और ऐतिहासिक रहा है। अब प्रतिमा के माध्यम से देश-प्रदेश और बाहर से आने वाले पर्यटक भी उसके इतिहास और पन्ना से उसके जुड़ाव को जान सकेंगे।
गौरतलब है की वत्सला लंबे समय तक पन्ना के जंगलों और वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी रही और अपनी उम्र के कारण विशेष पहचान बनाई। अकोला बफर गेट पर स्थापित यह प्रतिमा पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनेगी। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है की इससे पन्ना के वन्यजीव इतिहास और पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।